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Hindi News ›   Crime ›   Uber Reportedly Fires Executive Who Obtained Indian Rape Victim's Medical Records

उबर ने अपने एशिया हेड को निकाला, रेप पीड़िता की रिपोर्ट की थी जाहिर 

Fri, 09 Jun 2017 05:32 PM IST
amarujala.com, Presented by: विकास जांगड़ा
amarujala.com, Presented by: विकास जांगड़ा Updated Fri, 09 Jun 2017 05:32 PM IST
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Uber Reportedly Fires Executive Who Obtained Indian Rape Victim's Medical Records
उबर
टैक्सी सेवा प्रदाता कंपनी उबर ने अपने उस शीर्ष अधिकारी को हटा दिया है, जिसने 2014 में बलात्कार की शिकार हुई 26 वर्षीय एक युवती के मेडिकल रिकॉर्ड को कथित तौर पर हासिल कर लिया था।
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न्यूज वेबसाइट रेकोड की एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के एशिया प्रशांत के अध्यक्ष एरिक एलेक्जेंडर को मंगलवार को नौकरी से निकाल दिया गया है ठीक उसी प्रकार से जैसे कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में अपने 20 कर्मचारियों को उत्पीड़न, भेदभाव और अनुचित व्यवहार के आरोपों पर निकाला था। एरिक एलेक्जेंडर पर आरोप है कि उन्होंने दुष्कर्म पीड़िता की न केवल गोपनीयता भंग की, बल्कि उसके मेडिकल रिकॉर्ड को भी जग जाहिर कर दिया।
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रिपोर्ट के अनुसार एलेक्जेंडर ने उस महिला के मेडिकल रिकॉर्ड हासिल कर लिए थे, जिसके साथ उबर चालक शिव कुमार यादव ने दिल्ली में दिसंबर 2014 में बलात्कार किया था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया कि एलेक्जेंडर ने यह मेडिकल रिपोर्ट उबर के सीईओ ट्राविस कलानिक और वरिष्ठ उपाध्यक्ष एमिल माइकल को दिखाई थी। इसके बाद कंपनी के कई अधिकारियों को या तो ये रिकॉर्ड दिखाए गए या उसके बारे में बताया गया था। इसके अलावा ये जानकारी पत्रकारों से भी साझा की गई।
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उनकी इस हरकत से रेप पीड़िता की गोपनीयता भंग होने पर कंपनी ने कार्रवाई की है। बता दें कि रेप की घटना के बाद एरिक एलेक्जेंडर, ट्रैविस कलानीक और एमिल माइकल मामले की जांच के लिए भारत आए थे। इस जांच के दौरान उन्हें रेप पीड़िता के मेडिकल रिकॉर्ड दिए गए थे। पीड़िता की जानकारी बाहर जाने की बात सामने आने पर कंपनी के अधिकारियों ने एरिक एलेक्जेंडर को कंपनी से बाहर कर दिया। 
न्यूज वेबसाइट ने एलेक्जेंडर की इस हरकत के बारे में पूछने के लिए कंपनी से संपर्क किया तो उसे बताया कि एलेक्जेंडर अब उनकी कंपनी में नहीं है। इस मामले में ओला ने भी अपना बयान जारी किया है। ओला ने कहा कि यह काफी शर्मनाक है कि एक भयावह अपराध को कमतर दिखाने के लिए महिला की गोपनीयता और उसकी नैतिकता पर सवाल उठाए गए हैं। 


क्या है पूरा मामला
5 दिसंबर 2014 की रात को गुड़गांव के एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाली महिला एग्जीक्यूटिव ने वसंत विहार से नॉर्थ दिल्ली के इंद्रलोक स्थित अपने घर जाने के लिए मोबाइल एप के जरिये उबर कैब से टैक्सी बुक कराई थी। पीड़िता के बयान के अनुसार, कैब में बैठने के बाद उसे नींद आ गई, कुछ देर बाद उसे लगा कि ड्राइवर उसके साथ छेड़छाड़ कर रहा है। महिला ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन कार बंद थी। ड्राइवर शिवकुमार ने उसके साथ मारपीट की और दुष्कर्म करने के बाद फरार हो गया। घटना के दो दिन बाद 7 दिसंबर को आरोपी को मथुरा से गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में कैब ड्राइवर शिवकुमार यादव को उम्रकैद की सजा हुई है।
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