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70 फीसदी नौकरीपेशा महिलाएं यौन उत्पीड़न की नहीं करतीं शिकायत
एजेंसी
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:51 AM IST
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हैदराबाद। कार्यस्थलों में यौन प्रताड़ना का अनुभव करने वाली 70 फीसदी महिलाएं इस बारे में शिकायत दर्ज नहीं करातीं। राष्ट्रीय महिला आयोग के एक आला अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य सचिव सतबीर बेदी ने तेलंगाना के महिला आयोग की ओर से आयोजित एक परामर्श सत्र में कहा दफ्तरों या कार्यस्थलों में यौन प्रताड़ना की शिकार 70 महिलाएं इसके खिलाफ शिकायत नहीं करतीं। हालांकि कुछ महिलाएं इसका इस्तेमाल व्यवस्था को ब्लैकमेल करने में भी करती हैं।
उन्होंने कहा कि कार्यस्थल में महिलाओं के यौन उत्पीड़न से मुकाबले के लिए पुख्ता कानून हैं। लिहाजा महिलाओं को इसके बारे में जागरुक करने की जरूरत है। महिलाओं को इस तरह के अत्याचार और अन्याय से बचाने के लिए कानूनी प्रावधान हैं। मामला सिर्फ कानून के इस्तेमाल करने का है।
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परामर्श सत्र में मौजूद पूर्व हाई कोर्ट जज जी यतिराजुलू ने कहा कि महिला कर्मचारियों को सामूहिक तौर पर यौन प्रताड़ना से लड़ने की जरूरत है। तेलंगाना महिला आयोग की अध्यक्ष टी वेंकटरमनन ने कहा यह सत्र केंद्र को महिलाओं के खिलाफ यौन प्रताड़ना से बचाव के कानून को और सख्त भेजने के लिए सिफारिश भेजने के लिए किया गया था।
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राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य सचिव सतबीर बेदी ने तेलंगाना के महिला आयोग की ओर से आयोजित एक परामर्श सत्र में कहा दफ्तरों या कार्यस्थलों में यौन प्रताड़ना की शिकार 70 महिलाएं इसके खिलाफ शिकायत नहीं करतीं। हालांकि कुछ महिलाएं इसका इस्तेमाल व्यवस्था को ब्लैकमेल करने में भी करती हैं।
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उन्होंने कहा कि कार्यस्थल में महिलाओं के यौन उत्पीड़न से मुकाबले के लिए पुख्ता कानून हैं। लिहाजा महिलाओं को इसके बारे में जागरुक करने की जरूरत है। महिलाओं को इस तरह के अत्याचार और अन्याय से बचाने के लिए कानूनी प्रावधान हैं। मामला सिर्फ कानून के इस्तेमाल करने का है।
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परामर्श सत्र में मौजूद पूर्व हाई कोर्ट जज जी यतिराजुलू ने कहा कि महिला कर्मचारियों को सामूहिक तौर पर यौन प्रताड़ना से लड़ने की जरूरत है। तेलंगाना महिला आयोग की अध्यक्ष टी वेंकटरमनन ने कहा यह सत्र केंद्र को महिलाओं के खिलाफ यौन प्रताड़ना से बचाव के कानून को और सख्त भेजने के लिए सिफारिश भेजने के लिए किया गया था।