{"_id":"57ee0ebd4f1c1bdc765749b2","slug":"alcohol-ban-is-not-legal-in-bihar-says-patna-high-court","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पटना हाइकोर्ट ने खारिज की बिहार में शराबबंदी, अब मिल सकेगी शराब ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटना हाइकोर्ट ने खारिज की बिहार में शराबबंदी, अब मिल सकेगी शराब
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 30 Sep 2016 03:28 PM IST
विज्ञापन
sfdazvf
- फोटो : Getty Images
बिहार में नीतिश कुमार की सरकार को गहरा झटका लगा है। पटना हाईकोर्ट ने बिहार में शराबबंदी के फैसले को गलत कहा है बिहार में अब शराब फिर से बिक सकेगी।
पटना हाइकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य में शराबबंदी पर रोक हटाई जानी चाहिए। कोर्ट के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू ने कहा कि इस फैसले की कॉपी पढ़ने के बाद ही हम कोई प्रतिक्रिया देंगे।
इस फैसले को नीतिश कुमार के लिए एक बड़े झटके से जोड़कर देखा जा रहा है। नीतिश कुमार ने शराबबंदी के इस फैसले को सरकर के बड़े फैसले के रुप में पेश किया था। एक अप्रैल से बिहार में शराबबंदी लागू की गई थी। यह कानून बेहद कड़ा बनाया गया था। नीतिश कुमार इस एजेंडे को बिहार के साथ दूसरे राज्यों में भी लेकर जा रहे थे। पटना हाईकोर्ट ने साफ किया कि शराब पीने और घर में रखना किसी भी तरह की सजा के दायरे में नहीं आता।
विज्ञापन
क्या है फैसले के मायनेः
दूसरे राज्यों की ही तरह नियमों के तहत ही बिहार के लोग भी शराब पी सकेंगे।
देश के दूसरे राज्यों से शराब लाकर पीना जुर्म नहीं माना जाएगा।
सरकार को शराब विक्रेताओं के लाइसेंस फिर से बहाल करने होंगे।
विज्ञापन
पटना हाइकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य में शराबबंदी पर रोक हटाई जानी चाहिए। कोर्ट के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू ने कहा कि इस फैसले की कॉपी पढ़ने के बाद ही हम कोई प्रतिक्रिया देंगे।
विज्ञापन
इस फैसले को नीतिश कुमार के लिए एक बड़े झटके से जोड़कर देखा जा रहा है। नीतिश कुमार ने शराबबंदी के इस फैसले को सरकर के बड़े फैसले के रुप में पेश किया था। एक अप्रैल से बिहार में शराबबंदी लागू की गई थी। यह कानून बेहद कड़ा बनाया गया था। नीतिश कुमार इस एजेंडे को बिहार के साथ दूसरे राज्यों में भी लेकर जा रहे थे। पटना हाईकोर्ट ने साफ किया कि शराब पीने और घर में रखना किसी भी तरह की सजा के दायरे में नहीं आता।
विज्ञापन
क्या है फैसले के मायनेः
दूसरे राज्यों की ही तरह नियमों के तहत ही बिहार के लोग भी शराब पी सकेंगे।
देश के दूसरे राज्यों से शराब लाकर पीना जुर्म नहीं माना जाएगा।
सरकार को शराब विक्रेताओं के लाइसेंस फिर से बहाल करने होंगे।
बिहार में शराब पीना हुआ था अपराध
शराब
- फोटो : demo pic
बिहार में सरकार बनने के बाद नीतिश कुमार ने अप्रैल के पहले सप्ताह में बिहार में शराबबंदी की बात की थी। 6 अप्रैल 2016 को प्रेस कांफ्रेंस में नीतिश कुमार ने इस बात की घोषणा की थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया था कि बिहार में आज से तत्काल प्रभाव से विदेशी शराब की खरीद और बिक्री पर पाबंदी कर दी गई है। मालूम हो कि देशी शराब की खरीद और बिक्री पर पहले ही पाबंदी लगा दी गई थी। इस फैसले के बाद से बिहार में किसी भी तरह की शराब की बिक्री पूर्णत: बंद हो गई थी।
नीतीश कुमार ने कहा था कि शराब पीने, बेचने और व्यापार करने पर पाबंदी लगा दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से कोई भी होटल और बार में शराब नहीं परोसी जाएगी और ना ही किसी को लाइसेंस दिया जाएगा। गौर हो कि इस फैसले के बाद बिहार अब देश का चौथा राज्य हो गया है कि जहां शराब बेचना और खरीदना पूरी तरह से बंद है। गुजरात, नागालैंड और मिजोरम में इस तरह का कानून पहले से ही लागू है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया था कि बिहार में आज से तत्काल प्रभाव से विदेशी शराब की खरीद और बिक्री पर पाबंदी कर दी गई है। मालूम हो कि देशी शराब की खरीद और बिक्री पर पहले ही पाबंदी लगा दी गई थी। इस फैसले के बाद से बिहार में किसी भी तरह की शराब की बिक्री पूर्णत: बंद हो गई थी।
नीतीश कुमार ने कहा था कि शराब पीने, बेचने और व्यापार करने पर पाबंदी लगा दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से कोई भी होटल और बार में शराब नहीं परोसी जाएगी और ना ही किसी को लाइसेंस दिया जाएगा। गौर हो कि इस फैसले के बाद बिहार अब देश का चौथा राज्य हो गया है कि जहां शराब बेचना और खरीदना पूरी तरह से बंद है। गुजरात, नागालैंड और मिजोरम में इस तरह का कानून पहले से ही लागू है।