भोपाल जेल ब्रेकः घटना के वक्त जेल छोड़ वीआईपी की सुरक्षा में तैनात थे 80 गार्ड
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भोपाल जेल ब्रेक कांड में अधिकारियों की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इन्हीं सवालों के बीच एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है।
पता चला है कि जिस समय यह घटना हुई जेल की सुरक्षा में तैनात रहने वाले 80 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी कैदियों को छोड़कर अधिकारियों के घरों की सुरक्षा कर रहे थे। इनमें से कई गार्ड़ तो पूर्व जेल मंत्री के घर की सुरक्षा में तैनात थे। नतीजा ये रहा कि सेंट्रल जेल जैसी महत्वपूर्ण जेल की सुरक्षा व्यवस्था मात्र 30-35 सुरक्षाकर्मियों के भरोसे रह गई। इन 80 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों के गायब रहने का मामला सुर्खियों में छाया हुआ है। हालांकि वर्तमान जेल मंत्री इस दावे का खंडन करती हैं लेकिन यह नहीं बता पाईं कि इन सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी कहां थी।
खबरें हैं कि जेल और कैदियों की सुरक्षा में रहने वाले जेल के इन सुरक्षाकर्मियों को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के घर और कार्यालय, जेल मंत्री कुसुम मेहदेले, पूर्व जेल मंत्री, जेल अधिकारियों और जेल हेडक्वार्टर की सुरक्षा में तैनात किया गया था।
राज्य की जेल मंत्री ने नकारे सारे आरोप
ऐसे में 80 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों के जाने के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था क्षीण हो गई। नतीजा ये हुआ कि 33 सौ से ज्यादा कैदियों की सुरक्षा के लिए गिनती के ही सुरक्षाकर्मी मौजूद रह गए। जिसका खामियाजा ये हुआ कि दिवाली की रात इसी का फायदा उठाते हुए आठ कैदी एक गार्ड की हत्या कर जेल से फरार होने में सफल रहे।
वहीं इस तरह के आरोपों पर वर्तमान जेल मंत्री ने इसे अतिश्योक्ति बताते हुए कहा कि यह आरोप गलत हैं। एएनआई से बातचीत में उन्होंने बताया कि मेरे पास एक ड्राइवर है और दो लोग मेरे ऑफिस में काम करते हैं। मुझे नहीं पता बाकी लोगों की ड्यूटी कहां लगा दी गई और आप किनकी बात कर रहे हैं। हालांकि हम मामले की जांच करवा रहे हैं।
बता दें कि राजधानी की भोपाल जेल में 250 सुरक्षाकर्मियों की पोस्ट है, इनमें से फिलहाल 31 जगह खाली चल रही हैं। इनमें से 70 के करीब ट्रेनी भी हैं। ऐसे में सुरक्षाकर्मियों की कमी के कारण जेल की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
