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बड़ा सवालः बगैर डेटोनेटर कौन विधानसभा में ले गया विस्फोटक, आखिर क्या था मकसद
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Sat, 15 Jul 2017 12:39 PM IST
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जांच पड़ताल
- फोटो : amar ujala
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विधानसभा में मिले क्रिस्टल पाउडर के बेहद खतरनाक विस्फोटक पीईटीएन होने का पता चलते ही हड़कंप मच गया। पुलिस, एटीएस व अन्य एजेंसियों के अफसरों ने छानबीन शुरू की। सवाल उठा कि पीईटीएन से विस्फोट के लिए डेटोनेटर की जरूरत होती है।
बगैर डेटोनेटर के पीईटीएन को सदन में ले जाने की मंशा क्या थी और उसे कौन ले गया? एडीजी जोन अभय कुमार प्रसाद ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने विधान भवन का चप्पा-चप्पा खंगाला लेकिन डेटोनेटर नहीं मिला।
राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायकों के अलावा मार्शल, सफाई कर्मी, बिजली मैकेनिक ही विधानसभा में जाते हैं। सफाई कर्मी, बिजली मैकेनिक के विधानसभा में प्रवेश से पहले तलाशी ली जाती है और मार्शल की मौजूदगी में वे अपना काम करके लौटते हैं।
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विधानसभा में पीईटीएन ले जाने वाला जानता था कि वह मेटल डिटेक्टर की जद में नहीं आएगा और उसकी गहन तलाशी नहीं ली गई। विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है।
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बगैर डेटोनेटर के पीईटीएन को सदन में ले जाने की मंशा क्या थी और उसे कौन ले गया? एडीजी जोन अभय कुमार प्रसाद ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने विधान भवन का चप्पा-चप्पा खंगाला लेकिन डेटोनेटर नहीं मिला।
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राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायकों के अलावा मार्शल, सफाई कर्मी, बिजली मैकेनिक ही विधानसभा में जाते हैं। सफाई कर्मी, बिजली मैकेनिक के विधानसभा में प्रवेश से पहले तलाशी ली जाती है और मार्शल की मौजूदगी में वे अपना काम करके लौटते हैं।
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विधानसभा में पीईटीएन ले जाने वाला जानता था कि वह मेटल डिटेक्टर की जद में नहीं आएगा और उसकी गहन तलाशी नहीं ली गई। विभिन्न बिंदुओं पर छानबीन की जा रही है।
खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज
जांच पड़ताल
- फोटो : amar ujala
वहीं एटीएस और एनआईए की टीम ने विधानसभा में पहुंच कर देर रात तक पड़ताल की। टीम ने 11 जुलाई को सत्र शुरू होने से लेकर शुक्रवार देर शाम तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
सचिवालय प्रशासन के कुछ अधिकारी भी विधान भवन पहुंचे। आईजी एटीएस असीम अरुण ने टीम के साथ उस स्थान का मुआयना किया जहां विस्फोटक मिला था।
उन्होंने मार्शल से जानकारी भी हासिल की जिसने बम स्क्वॉयड टीम के साथ विस्फोटक पदार्थ को देखा था। असीम अरुण ने बताया कि इस मामले में जो भी चश्मदीद हैं, सभी से पूछताछ की जाएगी।
सचिवालय प्रशासन के कुछ अधिकारी भी विधान भवन पहुंचे। आईजी एटीएस असीम अरुण ने टीम के साथ उस स्थान का मुआयना किया जहां विस्फोटक मिला था।
उन्होंने मार्शल से जानकारी भी हासिल की जिसने बम स्क्वॉयड टीम के साथ विस्फोटक पदार्थ को देखा था। असीम अरुण ने बताया कि इस मामले में जो भी चश्मदीद हैं, सभी से पूछताछ की जाएगी।