कुछ और ही है भाजपा की जीत की हकीकत, 243 निकायों में अध्यक्ष पद पर जमानत नहीं बचा सकी भगवा सेना
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भाजपा भले ही यूपी से लेकर गुजरात तक निकाय चुनाव में जीत का जश्न मना रही हो लेकिन प्रदेश के 652 नगर निकायों में 243 नगर पालिका परिषद और पंचायत अध्यक्ष पदों पर उसके प्रत्याशी जमानत नहीं बचा सके। नगर निगम में पार्षद, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में सदस्य पदों पर भी भाजपा के 46 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अपर आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा ने सोमवार को जमानत जब्ती के आंकड़े बताते हुए इस सूची में भाजपा को टॉप पर रखा है। प्रदेश में 16 नगर निगम, 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों सहित कुल 652 निकायों में चुनाव हुआ।
हाथी की रही सुस्त चाल
बसपा ने महापौर और अध्यक्ष पद पर 559 प्रत्याशियों को लड़ाया। इनमें से अलीगढ़ एवं मेरठ के महापौर सहित केवल 76 निकाय अध्यक्ष के पदों पर उसके प्रत्याशी जीते और 410 (73.35 फीसदी) की जमानत जब्त हुई। सदस्य पद पर बसपा ने 3827 प्रत्याशियों को अपने सिंबल पर चुनाव लड़ाया। इनमें से मात्र 627 जीत सके और 2500 (65.33 फीसदी) की जमानत जब्त हुई।
बसपा से तेज पर, भाजपा से धीमी चली साइकिल
सपा ने महापौर एवं अध्यक्ष पदों पर 586 निकायों में अपने प्रत्याशियों को लड़ाया। इनमें से 128 निकायों में अध्यक्ष पद पर सपा प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। महापौर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष के कुल 300 सपा (51.19 प्रतिशत) प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है।
नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत सदस्य के पदों पर सपा के 4867 प्रत्याशियों में से 1132 ने चुनाव जीता और 2622 (53.87 प्रतिशत) को जमानत खोनी पड़ी।
पकड़ नहीं बना सका कांग्रेस का पंजा
कांग्रेस ने महापौर और निकाय अध्यक्ष के 445 पदों पर प्रत्याशी उतारे थे। इनमें से मात्र 26 नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर उसके प्रत्याशी जीते और 387 (86.97 फीसदी) प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। कांग्रेस ने पार्षद और सदस्यों के 3244 पदों पर ही चुनाव लड़ा। इनमें से 394 पार्षद और सदस्य निर्वाचित हुए और 2383 (73.46 फीसदी) प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई।
आम आदमी पार्टी के अरमानों पर फिरी झााडृ
मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों पर झाडू चला दी। महापौर और निकाय अध्यक्षों के कुल 233 प्रत्याशियों में से मात्र दो ने चुनाव जीता जबकि 230 (98.71 प्रतिशत) उम्मीदवार जमानत भी नहीं बचा सके।
पार्षद और सदस्यों के 1300 पदों पर आप प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। इनमें से 39 ने चुनाव जीता लेकिन 1182 (90.92 प्रतिशत) की जमानत जब्त हो गई।