सपा में मचा घमासान थमा, अखिलेश-रामगोपाल की 'बाइज्जत' वापसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी में समाजवादी पार्टी में जारी घमासान अब थम गया है। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के आवास पर हुई अखिलेश-मुलायम की बैठक के बाद अखिलेश यादव व रामगोपाल यादव का निष्कासन रद्द कर दिया गया है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पार्टी में अब सब कुछ ठीक है। हम मिलकर 2017 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएंगे।
शुक्रवार शाम को मुलायम ने प्रेस कांफ्रेंस कर अखिलेश व रामगोपाल को पार्टी से छह साल के लिए निकाले जाने का ऐलान किया था और रामगोपाल पर अखिलेश का भविष्य खराब करने का आरोप लगाया था।
मुलायम की प्रेस कांफ्रेंस के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश ने विधायकों व पार्टी नेताओं की बैठक आज (शनिवार) सुबह अपने पांच कालिदास मार्ग पर बुलाई थी। उम्मीद की जा रही थी कि वो कोई बड़ा ऐलान कर सकते हैं। वहीं, मुलायम ने भी अपने आवास पर बैठक बुलाई थी। इससे पारिवारिक झगड़ा 'पावर शो' में तब्दील हो गया।
शक्ति प्रदर्शन में और ताकतवर बनकर उभरे अखिलेश
सुबह आठ बजे से ही सीएम अखिलेश के घर पर मंत्रियों व विधायकों का जमघट लगना शुरू हो गया।
अहमद हसन, शाहिद मंजूर, ब्रह्रम शंकर त्रिपाठी, अरुणा कोरी, पंडित सिंह, शिवाकांत, अवधेश प्रसाद, कमाल अख्तर, जियाऊद्दीन रिजवी, फरीद महफूज, इकबाल महमूद, जैसे मुलायम के करीबी मंत्री भी अखिलेश यादव बैठक में मौजूद रहे। लगभग 160 विधायक भी सीएम आवास पर थे।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री अखिलेश विधायकों के साथ बैठक में भावुक हुए और कहा कि मैं पार्टी से जरूर अलग हुआ हूं लेकिन अपने पिता से नहीं।
विधायकों ने भी अखिलेश के साथ होने की हामी भरी। इसके बाद मुख्यमंत्री अखिलेश, कैबिनेट मंत्री आजम खां के साथ मुलायम के आवास गए जहां दोनों ने वार्ता की और मामला सुलझ गया। इसके पहले मुलायम द्वारा बुलाई गई बैठक में एक दर्जन से भी कम विधायक पहुंचे। इस तरह शक्ति प्रदर्शन में अखिलेश, मुलायम पर भारी पड़े।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने पारिवारिक घमासान पर मीडिया से बात की और कहा कि परिवार व पार्टी में अब सबकुछ ठीक है।
नेताजी मुलायम सिंह यादव के आदेश से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व रामगोपाल यादव का निष्कासन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया है।
रामगोपाल द्वारा पार्टी का अधिवेशन बुलाए जाने पर शिवपाल बोले, अब सब ठीक है, कहीं कोई दिक्कत नहीं है।
पार्टी में पहले घोषित किए गए प्रत्याशी क्या बदले जाएंगे? इस पर शिवपाल ने कहा कि हम सब मिलकर बात करेंगे और 2017 में फिर से सपा की सरकार बनाएंगे।
क्या कहते हैं आजम खां
सपा में सुलह करवाने के सूत्रधार बने यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खां का कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का निष्कासन एक बड़ी समस्या थी कि जो कि हल हो गई।
उन्होंने लखनऊ में मीडिया से बातचीत में कहा कि इस विवाद से मुसलमान परेशान थे, क्योंकि उन्हें लगता है कि सपा के कमजोर होने से भाजपा को मौका मिल जाएगा। इस समय सपा ही मुसलमानों की एक उम्मीद है।
आजम ने अखिलेश की नाराजगी पर कहा कि अब सब कुछ ठीक है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। अगर बेटा नाराज होता है तो बाप ही उसे मनाता है।
आजम ने पूरे विवाद के स्क्रिप्टेड होने पर कहा कि अगर ऐसा है तो इससे हमें फायदा हुआ है। एक स्क्रिप्ट भाजपा की चल रही है, जिसमें सभी लाइन में लगे हैं और दूसरी में हम कामयाब रहे।
इस तरह अखिलेश-मुलायम को करीब लाए आजम
सपा में समझौते के लिए मध्यस्थता आजम ने निभाई। उन्होंने पहले तो अखिलेश व मुलायम की बैठकों से दूरी बनाए रखी, फिर मुलायम से मिलने के लिए उनके आवास पर गए। आजम ने मुलायम से लगभग एक घंटे तक चर्चा की।
मुलायम से मिलने के बाद आजम सीएम अखिलेश के पांच कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर गए और उन्हें साथ लेकर मुलायम से मिलने उनके घर गए।
अखिलेश व मुलायम के आमने-सामने बैठकर बात करने से समझौता हुआ। मुलायम ने प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव को अपने घर बुलाया और बात की।
अब कहा जा रहा है कि सबकुछ ठीक है। आजम ने सुबह ही स्पष्ट कर दिया था कि वह किसी भी बैठक में नहीं जाएंगे और सुलह की भरपूर कोशिश करेंगे।