मुस्लिम बोर्ड का जवाब- तीन तलाक पर योगी का बयान जाहिलाना
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तीन तलाक को द्रौपदी के चीर-हरण जैसा बताने पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान को जाहिलाना बताया है। बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा, समझ नहीं आ रहा कि इस जाहिलाना बयान पर कैसी प्रतिक्रिया दूं।
वे तलाक को द्रौपदी का चीरहरण जितना बड़ा मुद्दा मान रहे हैं। मानसिक रूप से स्वस्थ कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं करेगा। वह चीजों को अलग चश्में से देखते हैं।
सामाजिक बहिष्कार काफी नहीं: शिया बोर्ड
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि शरिया कानून से इतर बेवजह तलाक देने वालों का सामाजिक बहिष्कार करना ही बरपाई नहीं होगा। इससे पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को पर्याप्त न्याय नहीं मिल पाएगा।
ये बोले थे योगी
तीन तलाक को सामाजिक बुराई बताने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के अगले ही दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इसे देश की ज्वलंत समस्या बताया। उन्होंने तीन तलाक को द्रौपदी के चीर हरण जैसा बताते हुए कहा कि जो लोग इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप हैं, वे भी अपराध में भागीदार हैं।
मुख्यमंत्री योगी सोमवार को विधानभवन के सेंट्रल हॉल में पूर्व पीएम चंद्रशेखर की जयंती पर ‘राष्ट्र पुरुष चंद्रशेखर, संसद में दो टूक’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने द्रौपदी के चीर हरण का जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त पूछा गया था कि इस घटना का दोषी कौन है।
महाभारत के अहम चरित्र विधुर ने जवाब दिया था कि जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया, वे तो अपराधी हैं हीं, सहयोगी और मौन रहने वाले भी इस अपराध में भागीदार हैं। इसी तरह से तीन तलाक को लेकर जो राजनेता मौन हैं, वे भी अपराध में भागीदार हैं।