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कुनबे में कलह मिटाने के लिए मुलायम के पास 4 प्वाइंट एजेंडा, ‘बीच वाले’ पर भी लेंगे एक्शन
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 16 Sep 2016 06:05 PM IST
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पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते मुलायम सिंह
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सपा में मचे घमासान और पल पल बिगड़ते हालातों के बीच पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह खुद सामने आए और साफ किया कि पार्टी में कोई मतभेद नहीं है। प्रदेश कार्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुलायम ने कहा कि "मेरे रहते पार्टी में फूट नहीं पड़ सकती, घर का झगड़ा है निपटा लेंगे। इतने झगड़े सब घरों में चलते हैं।"
खास बात ये है कि भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अखिलेश मंत्रीमंडल से बर्खास्त किए गए पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को भी वापस मंत्री बनाए जाने के संकेत दिए। कहा "ये तो मेरे पीछे खड़े हैं पार्टी से बाहर कैसे हो सकते हैं मैं अखिलेश से बात करूंगा वह मेरी बात नहीं टालेगा। गायत्री प्रसाद को मंत्रीमंडल में भी वापस लिया जाएगा।" मुलायम ने उन अटकलों को भी शांत करने का प्रयास किया जिसमें अखिलेश, शिवपाल और रामगोपाल में मतभेद की बात कही जा रही थी।
मुलायम ने कहा "शिवपाल और रामगोपाल में कोई झगड़ा नहीं है। कुछ लोग हैं जो नहीं चाहते कि पार्टी दोबारा सत्ता में वापस आए।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पार्टी को वापस पांच साल सत्ता में लाने के लिए जुट जाइए। खास बात रही कि मुलायम ने इस दौरान अमर सिंह का कोई जिक्र नहीं किया जिन्हें इस पूरे मामले में विलेन की तरह देखा जा रहा था।
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पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह की इस कवायद को डैमेज कंट्रोल की कवायद के रूप में माना जा रहा है जिसके कारण पार्टी की छवि को काफी नुकसान हो रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मीडिया का जिक्र करते हुए कहा कि "मीडिया की इस मामले में कोई गलती नहीं है वो तो अपना काम कर रहा है। हमारे लोगों ने ही तो उन्हें मौका दिया है।" मुलायम सिंह के संबोधन के बाद शिवपाल और अखिलेश मुलायम सिंह के घर जाकर उनसे मुलाकात की इसके बाद सीएम अपने घर के लिए रवाना हो गए।
इन चार बिंदुओं पर बनी सहमति
1. शिवपाल के सारे विभाग वापस होंगे.
2. गायत्री प्रजापति की वापसी होगी, उन्हें खनन के बजाय कोई और विभाग दिया जाएगा।
3. शिवपाल प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे, प्रभारी पद खत्म होगा।
4. हटाए गए मुख्य सचिव दीपक सिंघल को लेकर अखिलेश और मुलायम अलग से बातचीत करेंगे।
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खास बात ये है कि भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद अखिलेश मंत्रीमंडल से बर्खास्त किए गए पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को भी वापस मंत्री बनाए जाने के संकेत दिए। कहा "ये तो मेरे पीछे खड़े हैं पार्टी से बाहर कैसे हो सकते हैं मैं अखिलेश से बात करूंगा वह मेरी बात नहीं टालेगा। गायत्री प्रसाद को मंत्रीमंडल में भी वापस लिया जाएगा।" मुलायम ने उन अटकलों को भी शांत करने का प्रयास किया जिसमें अखिलेश, शिवपाल और रामगोपाल में मतभेद की बात कही जा रही थी।
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मुलायम ने कहा "शिवपाल और रामगोपाल में कोई झगड़ा नहीं है। कुछ लोग हैं जो नहीं चाहते कि पार्टी दोबारा सत्ता में वापस आए।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि पार्टी को वापस पांच साल सत्ता में लाने के लिए जुट जाइए। खास बात रही कि मुलायम ने इस दौरान अमर सिंह का कोई जिक्र नहीं किया जिन्हें इस पूरे मामले में विलेन की तरह देखा जा रहा था।
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पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह की इस कवायद को डैमेज कंट्रोल की कवायद के रूप में माना जा रहा है जिसके कारण पार्टी की छवि को काफी नुकसान हो रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने मीडिया का जिक्र करते हुए कहा कि "मीडिया की इस मामले में कोई गलती नहीं है वो तो अपना काम कर रहा है। हमारे लोगों ने ही तो उन्हें मौका दिया है।" मुलायम सिंह के संबोधन के बाद शिवपाल और अखिलेश मुलायम सिंह के घर जाकर उनसे मुलाकात की इसके बाद सीएम अपने घर के लिए रवाना हो गए।
इन चार बिंदुओं पर बनी सहमति
1. शिवपाल के सारे विभाग वापस होंगे.
2. गायत्री प्रजापति की वापसी होगी, उन्हें खनन के बजाय कोई और विभाग दिया जाएगा।
3. शिवपाल प्रदेश अध्यक्ष रहेंगे, प्रभारी पद खत्म होगा।
4. हटाए गए मुख्य सचिव दीपक सिंघल को लेकर अखिलेश और मुलायम अलग से बातचीत करेंगे।
अखिलेश ने कहा - 'झगड़ा मेरी कुर्सी के कारण'
वहीं इससे इतर मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा, जिस कुर्सी पर बैठा हूं उसके कारण झगड़ा है मेरे कारण नहीं, सियासी घमासान के बीच यूपी सीएम अखिलेश ने ये बात एक टीवी चैनल में इंटरव्यू के दौरान कही। वहीं पार्टी कार्यालय पहुंचे मुलायम सिंह ने कहा कि कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने ये भी कहा कि नेताजी और मैं मिलकर ‘बीच वाले’ को बीच से हटा देंगे। इस दौरान सीएम ने दावा किया कि चुनाव में झगड़े का नहीं विकास का असर दिखेगा और 2017 में सपा सरकार बनेगी।
बता दें कि शिवपाल यादव के गुरुवार देर रात मंत्रिपरिषद व प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद समर्थक उनके आवास के बाहर जुट गए और जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओंं ने 'शिवपाल सिंह जिंदाबाद', 'रामगोपाल को बाहर करो' जैसे नारे लगाए।
इसी बीच शिवपाल को मनाने की कोशिशें लगातार जारी रहीं। शिवपाल से मिलने के बाद मुलायम ने अखिलेश को बुलाकर मीटिंग की इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय मुलायम सिंह से मुलाकात करने पहुंचे। बता दें कि माता प्रसाद सुबह शिवपाल से मुलाकात कर चुके हैं।
सुबह शिवपाल मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे थे। सपा सुप्रीमो ने शिवपाल को इस्तीफा देने से रोका। माता प्रसाद से मुलाकात के बाद मुलायम सिंह पार्टी कार्यालय पहुंचे।
मुलायम सिंह ने उनसे कहा कि वह पार्टी के यूपी अध्यक्ष के तौर पर कार्य करते रहें। उन्होंने शिवपाल का अध्यक्ष पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया और उन्हें पार्टी कार्यालय पहुंचने को कहा। वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश ने उनके सभी इस्तीफे वापस भेजे। कहा, कोई इस्तीफा मंजूर नहीं होगा।
बता दें कि शिवपाल यादव के गुरुवार देर रात मंत्रिपरिषद व प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद समर्थक उनके आवास के बाहर जुट गए और जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओंं ने 'शिवपाल सिंह जिंदाबाद', 'रामगोपाल को बाहर करो' जैसे नारे लगाए।
इसी बीच शिवपाल को मनाने की कोशिशें लगातार जारी रहीं। शिवपाल से मिलने के बाद मुलायम ने अखिलेश को बुलाकर मीटिंग की इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय मुलायम सिंह से मुलाकात करने पहुंचे। बता दें कि माता प्रसाद सुबह शिवपाल से मुलाकात कर चुके हैं।
सुबह शिवपाल मुलायम सिंह यादव से मिलने पहुंचे थे। सपा सुप्रीमो ने शिवपाल को इस्तीफा देने से रोका। माता प्रसाद से मुलाकात के बाद मुलायम सिंह पार्टी कार्यालय पहुंचे।
मुलायम सिंह ने उनसे कहा कि वह पार्टी के यूपी अध्यक्ष के तौर पर कार्य करते रहें। उन्होंने शिवपाल का अध्यक्ष पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया और उन्हें पार्टी कार्यालय पहुंचने को कहा। वहीं मुख्यमंत्री अखिलेश ने उनके सभी इस्तीफे वापस भेजे। कहा, कोई इस्तीफा मंजूर नहीं होगा।
यूं हुई ‘सियासी जंग’ की शुरुआत
बता दें कि देर रात शिवपाल यादव के मंत्रिपरिषद व प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद उनके समर्थक लखनऊ के सात कालिदास मार्ग स्थित उनके घर के बाहर जमा हो गए थे, जिसके बाद देर रात शिवपाल को बाहर आना पड़ा था। वहीं रातभर से जमे समर्थकों से उन्होंने शुक्रवार सुबह कहा, "नेताजी का संदेश ही हमारे लिए आदेश है। शिवपाल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप सभी पार्टी कार्यालय जाइए और नेताजी के सामने अपनी बात रखिए। हम सभी नेताजी के साथ हैं जो उनका आदेश होगा, हम उसे मानेंगे।"
करीब एक घंटे बाद शिवपाल अपने घर से बाहर आए और समर्थकों से शांत रहने की अपील की उन्होंने समर्थकों से कहा था कि "आप सभी अभी जाइये... सोइये... और हमें भी सोने दीजिए।"
समर्थकों का उत्साह देख उन्हें कहना पड़ा था कि "हम आपके साथ खड़े हैं, हम कल आपसे बात करेंगे। हम हमेशा आपके साथ हैं, फिलहाल आप जाइये और सोइये।" इसके बाद सुबह होते ही समर्थक फिर जुटने लगे और उन्होंने शिवपाल के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब एक घंटे बाद शिवपाल अपने घर से बाहर आए और समर्थकों से शांत रहने की अपील की उन्होंने समर्थकों से कहा था कि "आप सभी अभी जाइये... सोइये... और हमें भी सोने दीजिए।"
समर्थकों का उत्साह देख उन्हें कहना पड़ा था कि "हम आपके साथ खड़े हैं, हम कल आपसे बात करेंगे। हम हमेशा आपके साथ हैं, फिलहाल आप जाइये और सोइये।" इसके बाद सुबह होते ही समर्थक फिर जुटने लगे और उन्होंने शिवपाल के समर्थन में नारेबाजी शुरू कर दी।