{"_id":"59364c004f1c1b901c9c84d3","slug":"cm-yogi-adityanath-in-telly-law-programme","type":"story","status":"publish","title_hn":"धर्म का पालन न करने वालों के लिए कई दंड का प्रावधान: CM योगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्म का पालन न करने वालों के लिए कई दंड का प्रावधान: CM योगी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 06 Jun 2017 12:03 PM IST
विज्ञापन
yogi adityanath
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र और राज्य सरकार के राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व न्याय विभाग संयुक्त रूप से मंगलवार को ‘टेली लॉ : कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से विधिक सेवा का मुख्य प्रवाह’कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इसमें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक मिश्र, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद भी मौजूद रहे।
देश के सबसे बड़े राज्य में न्याय के क्षेत्र में नई क्रांति लाने के लिए यहां मौजूद सभी लोगों का स्वागत करता हूं। न्यायलयों में खासकर महिलाओं से संबंधित मामलों में यथाशीघ्र न्याय मिलेगा।
मुझे कहने में संकोच नहीं कि यूपी की वर्तमान सरकार गरीबों, वंचितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद लोक अदालतों की व्यवस्था पुष्ट हो रही है।
विज्ञापन
ग्रंथों में भी न्यायिक प्रक्रिया का विवरण विस्तार में मिलता है। योगी ने कहा, आप सभी प्रबुद्ध हैं इसलिए आपको बताने की जरूरत नहीं कि धर्म की जरूरत संकुचित न होकर व्यापक रही है।
धर्म का निर्देशन वेदों ने किया। वहां भी धर्म का पालन न करने वाले के साथ भी प्रायश्चित के साथ कई दंडों का प्रावधान है।
विज्ञापन
इसमें सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश दीपक मिश्र, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय विधि मंत्री रवि शंकर प्रसाद भी मौजूद रहे।
देश के सबसे बड़े राज्य में न्याय के क्षेत्र में नई क्रांति लाने के लिए यहां मौजूद सभी लोगों का स्वागत करता हूं। न्यायलयों में खासकर महिलाओं से संबंधित मामलों में यथाशीघ्र न्याय मिलेगा।
विज्ञापन
मुझे कहने में संकोच नहीं कि यूपी की वर्तमान सरकार गरीबों, वंचितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। तमाम विषम परिस्थितियों के बावजूद लोक अदालतों की व्यवस्था पुष्ट हो रही है।
विज्ञापन
ग्रंथों में भी न्यायिक प्रक्रिया का विवरण विस्तार में मिलता है। योगी ने कहा, आप सभी प्रबुद्ध हैं इसलिए आपको बताने की जरूरत नहीं कि धर्म की जरूरत संकुचित न होकर व्यापक रही है।
धर्म का निर्देशन वेदों ने किया। वहां भी धर्म का पालन न करने वाले के साथ भी प्रायश्चित के साथ कई दंडों का प्रावधान है।