आतंकी संगठनों ने जम्मू कश्मीर पुलिस में कराई भेदियों की घुसपैठ,शुरू हुई जांच
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अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले में पीडीपी के विधायक एजाज अहमद मीर के ड्राइवर तौसिफ की संलिप्तता उजागर होने के बाद पुलिस तंत्र में आतंकियों के माड्यूल की पहचान के लिए जांच शुरू हो गई है। आतंकी संगठनों ने भय और प्रलोभन के जरिए कुछ पुलिसकर्मियों को फांस लिया है।
कुछ एसपीओ भी आतंकी संगठनों से जुड़े हैं। संदिग्ध आचरण वाले इन पुलिसकर्मियों के कारण कई बार गोपनीय सूचनाएं भी लीक होती रहीं हैं। विधायक का ड्राइवर पुलिसकर्मी है और उससे पुलिस तंत्र में आतंकियों के मौजूद माड्यूल के बारे में अहम जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है। कश्मीर के आईजी मुनीर खान ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि आरोपी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकतीं हैं।
पुलिस प्रशासन के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दक्षिण कश्मीर में पुलिसकर्मियों से हथियार लूट के क्रम में कुछ पुलिसकर्मियों की आतंकी संगठनों से मिलीभगत की सूचनाएं मिली थीं। इस संबंध में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया।
हथियार लूट के मामलों में संलिप्तता का शक
इन पुलिसकर्मियों ने हथियार की रक्षा के लिए कोई कोशिश नहीं की थी और आसानी से पुलिस के हथियार आतंकियों को सौंप दिए थे। मामले में जांच अभी चल रही है। जांच के बाद कुछ और पुलिसकर्मियों की आतंकी संगठनों से मिलीभगत का मामला उजागर हो सकता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आतंकियों ने शोपियां और कुलगाम में पुलिस तंत्र में अधिक सेंध लगाई है। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी की शोपियां में पिटाई भी की गई थी। एक पुलिसकर्मी पर दबाव बनाकर मस्जिद से उसके इस्तीफे की घोषणा करवाई गई। उत्तरी कश्मीर में पुलिस के एडिशनल सुपरिटेडेंट के आवास पर हमला भी हुआ।
पुलिसकर्मियों पर नौकरी से इस्तीफा का दबाव
दरअसल आतंकी संगठनों ने हाल के दिनों में कई पुलिसकर्मियों पर नौकरी से इस्तीफा देकर इसका मस्जिद से एलान करने का दबाव बनाया है। हिजबुल मुजाहिदीन का दक्षिणी कश्मीर के गांवों में प्रभाव रहा है। हिजबुल के आतंकी पुलिस वालों पर उनके परिवार को निशाना बनाने की भी धमकी देते हैं। इस क्रम में 15 पुलिसकर्मियों के परिवारों पर हमले भी किए गए। तब डीजीपी एसपी वैद ने आतंकियों को उनके परिवारों को भी कार्रवाई की चेतावनी दी तो हमले थमे। ऐसे हमलों में भी आतंकियों से कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत सामने आई है।