{"_id":"598028184f1c1ba3118b472b","slug":"police-and-army-briefs-after-dujana-encounter","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मारा गया आतंकी अबू दुजाना, एक साल से घाटी में कर रहा था अय्याशी: आर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मारा गया आतंकी अबू दुजाना, एक साल से घाटी में कर रहा था अय्याशी: आर्मी
amarujala.com- Written by: श्रेयांश त्रिपाठी
Updated Tue, 01 Aug 2017 01:26 PM IST
विज्ञापन
सेना के जीओसी जेएस संधू
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में सेना के एक ताबड़तोड़ ऑपरेशन में लश्कर के दो आतंकियों को मार गिराया गया। मारे गए आतंकियों में से एक लश्कर ए तैयबा का टॉप कमांडर अबु दुजाना है जो कि पिछले कई बार से सेना के घेराबंदी से भागने में कामयाब हुआ था। मुठभेड़ के बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस में इसकी पुष्टि की।
विज्ञापन
सेना की ओर से जीओसी जेएस संधू और कश्मीर रेंज के आईजी मुनीर खान ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दुजाना पिछले एक साल से आतंकी ऑपरेशंस में शामिल नहीं था बल्कि अय्याशी कर रहा था।
विज्ञापन
He was not really involved in many attacks, vo yahan aiyyashi kar raha tha bas, was a nuisance: J Sandhu,GOC 15 Corps #AbuDujana pic.twitter.com/VeWzxzwtV5
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI_news) August 1, 2017
एनकाउंटर के दौरान हिंसा के बीच कई लोग घायल
आईजी ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान एक बार फिर हिंसक प्रदर्शनों के जरिए बाधा पहुंचाने की कोशिश की गई है। पुलिस के अनुसार एनकाउंटर के दौरान हिंसा के बीच कई लोग हवाई फायरिंग के दौरान घायल हुए हैं। वहीं आईजी ने कहा कि वो लोगों से मांग करते हैं कि आतंकी मुठभेड़ के दौरान मुठभेड़ स्थल के आसपास न जाएं। आईजी ने कहा कि पुलिस, सेना के साथ मिलकर आने वाले वक्त में भी ऐसे ऑपरेशन जारी रखेगी।
गौरतलब है कि मुठभेड़ शुरू होने के कुछ देर बाद ही ज़िले में इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके। इस बीच जैसे ही ज़िले में आतंकियों के मारे जाने की खबर फ़ैली तो आस पास के गाँव से लोगों द्वारा मुठभेड़ स्थल की ओर मार्च निकालने की कोशिश की गई जहां मुठभेड़ जारी थी लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हे आगे बढ्ने से रोका गया। इस बीच प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक भिड़ंत शुरू हुई।
गौरतलब है कि मुठभेड़ शुरू होने के कुछ देर बाद ही ज़िले में इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके। इस बीच जैसे ही ज़िले में आतंकियों के मारे जाने की खबर फ़ैली तो आस पास के गाँव से लोगों द्वारा मुठभेड़ स्थल की ओर मार्च निकालने की कोशिश की गई जहां मुठभेड़ जारी थी लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हे आगे बढ्ने से रोका गया। इस बीच प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक भिड़ंत शुरू हुई।