घाटी में टेरर फंडिंग केस में शुरू हुई बड़ी कार्रवाई, 27 जगहों पर NIA की ताबड़तोड़ छापेमारी
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एनआईए ने टेरर फंडिंग मामले में शिकंजा और कस दिया है। बुधवार को एनआईए ने श्रीनगर, दिल्ली और गुरुग्राम में 27 स्थानों पर छापेमारी की। पाक समर्थित आतंकी संगठनों से पैसे लेकर घाटी में माहौल बिगाड़ने, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के आरोप में पहले से ही कई अलगाववादी नेता एनआईए की हिरासत में हैं।
एनआईए के आईजी आलोक मित्तल के अनुसार टेरर फंडिंग मामले में श्रीनगर में 20 और दिल्ली और गुरुग्राम के सात जगहों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान 2.20 करोड़ नकदी बरामद किया गया है। इसके साथ ही वित्तीय लेन देन संबंधी दस्तावेज जब्त किए गए हैं। लैपटाप, मोबाइल, हार्ड डिस्क सहित भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।
हवाला आपरेटर तथा ट्रेडर्स के नंबर वाली डायरी, लेजर बुक तथा क्रास एलओसी ट्रेड से जुड़ी विभिन्न कंपनियों के खाते बरामद किए गए हैं। कुछ बैंक एकाउंट के डिटेल भी जब्त किए गए हैं। छापे के दौरान अरब दौरे से संबंधित यात्रा संबंधी कागजात बरामद किए गए हैं। एनआईए के अनुसार बरामद सामानों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
श्रीनगर में जिन आरोपियों के घर और दफ्तरों पर छापेमारी की गई, उनमें बशीर अहमद कालू, शौकत अहमद कालू, अब्दुल रशीद भट, फिरदौस इकबाल वानी, सज्जाद सईद खान और इमरान कौसा शामिल हैं। एनआईए की अलग-अलग टीमों ने श्रीनगर के बेमिना, उम्राबाद, जैनाकूट, नौहट्टा और बचपुरा इलाकों में छापे मारे। एनआईए टीम ने कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। अब उन दस्तावेजों में कई राज सामने आ सकते हैं।
गिरफ्तार दोनों पत्थरबाज 10 दिन की रिमांड पर
एनआईए ने मंगलवार को घाटी से एक फोटो फ्रीलांसर समेत एक पत्थरबाज को गिरफ्तार किया था। उन दोनों बुधवार को पटियाला हाउस स्थित एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां से दोनाें को 10 दिन की एनआईए रिमांड पर भेज दिया गया है। एनआईए के आईजी ने बताया कि पुलवामा के रहने वाले कामरान यूसुफ और कुलगाम के जावेद अहमद भट को एनआईए ने दक्षिणी कश्मीर से गिरफ्तार किया था।
उन्होंने बताया कि कोर्ट ने इन दोनों को 10 दिन की रिमांड पर एनआईए को सौंप दिया है। अब इन्हें 16 सितंबर को एक बार फिर दोबारा कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि कामरान पर आरोप है कि वह पत्थरबाजी के फोटो कुछ स्थानीय अखबारों को देता था, उस पर अफवाहें फैलाकर लोगों को पत्थरबाजी के लिए उकसाता था। उसे कई बार पुलिस ने चेतावनी भी दी थी। आरोप है कि भट पत्थरबाजी के लिए युवकों के समूह संगठित करता था।