राष्ट्रपति चुनाव के दौरान जम्मू-कश्मीर में एनडीए को मिलेगी अच्छी बढ़त
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति चुनाव में जम्मू-कश्मीर से एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार के मुकाबले में अच्छी खासी बढ़त हासिल होने के आसार हैं। राज्य में गठबंधन सरकार में भाजपा के सहयोगी दल पीडीपी के समर्थन करने के बाद करीब 9000 वोट कोविंद को मिलने के आसार हैं, जबकि यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार को करीब 3300 वोट ही मिल पाएंगे।
राष्ट्रपति चुनाव के लिए 17 जुलाई को होने वाले मतदान के लिए श्रीनगर में विधानसभा सचिवालय में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जम्मू कश्मीर रियासत में छह लोकसभा सांसद, चार राज्यसभा सांसद और 87 निर्वाचित विधायक राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करेंगे।
लोकसभा व राज्यसभा के प्रत्येक सांसद के वोट की वैैल्यू 708 है, जबकि जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक विधायक के वोट की वैल्यू 72 है। रियासत में भाजपा में तीन लोकसभा सांसद, एक राज्यसभा सांसद, अपने 25 विधायकों समेत तीन अन्य विधायक जिसमें पीपुल्स कांफ्रेंस के दो और जंस्कार के निर्दलीय विधायक बाकिर रिजवी का समर्थन हासिल है।
वोटिंग में भाजपा-पीडीपी गठबंधन का पलड़ा भारी
ऐसे में भाजपा विधायकों व सांसदों के वोटों को जोड़ा जाए तो उनकी वैल्यू 4848 बनती है जोकि रियासत में किसी भी अन्य पार्टी के मुकाबले ज्यादा है। दूसरे नंबर पर पीडीपी के विधायकों व सांसदों को मिलाकर वोटों की वैल्यू 4140 है। भाजपा व पीडीपी के वोटों को जोड़ दिया जाए तो करीब 8988 वोट एनडीए उम्मीदवार कोविंद को जम्मू कश्मीर से मिलेंगे।
यूपीए उम्मीदवार मीरा कुमार को नेशनल कांफ्रेंस के 1788 व कांग्रेस के 1572 वोट हासिल हो सकते हैं। चार अन्य निर्दलीय विधायकों के 288 वोट की संख्या किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में जा सकती है। राष्ट्रपति चुनाव में मनोनीत विधायक व विधान परिषद के सदस्यों को वोट का अधिकार नहीं है।