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एलओसी व्यापारियों को मायूसी हाथ लगी
Jammu
Updated Fri, 07 Mar 2014 05:32 AM IST
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जम्मू। भारत और पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के बीच चल रहे फ्री एलओसी ट्रेड के उत्थान के लिए नई दिल्ली में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई बैठक में व्यापारियों को मायूसी ही हाथ लगी है। व्यापारियों को उम्मीद थी कि दोनों देशोें के विदेश मंत्रालयों के अधिकारी व्यापार को प्रोत्साहन देने के लिए कोई ठोस फैसले लेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
17 जनवरी को उड़ी क्षेत्र में नशीले पदार्थों के साथ पीओके ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद लगभग एक माह तक एलओसी ट्रेड ठप रहा था और मंगलवार को हुई बैठक से व्यापारियों को काफी उम्मीदें थीं। यही कारण था कि कश्मीर के कई एलओसी ट्रेडर्स बैठक से पहले नई दिल्ली भी गए थे और पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बैठक की थी लेकिन कई निर्णायक फैसला नहीं लिया गया।
ज्वाइंट चैंबर आफ एलओसी ट्रेडर्स (पुंछ) के प्रवक्ता सिराज अहमद खान के अनुसार ड्रग्स की तस्करी में व्यापारियों के हितों की सुरक्षा के संबंध में कोई फैसला नहीं लिया गया। सिर्फ इतना कहा गया कि लोडिंग-अनलोडिंग के समय दोनों ओर के पक्ष मौजूद होंगे। इसके बावजूद यदि कोई ड्रग्स की घटना घटती है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया। पाक अधिकारी इस पर गंभीर विचार करने की बजाय पीओके के गिरफ्तार ड्राइवर की रिहाई के लिए ही प्रयास करते रहे। भारत ने एक बार फिर एलओसी ट्रेड को बार्टर सिस्टम की बजाय बैंकिंग सुविधा से लैस करने की बात रखी लेकिन पाक अधिकारियों ने पिछली बार की ही तरह कहा कि बैंकिंग सेवा के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं।
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व्यापारियों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि आइटम सूची में आइटमों की संख्या बढ़ाने के लिए कई बार दोनों देशों के मंत्रालयों को कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया। जीरो प्वाइंट पर स्कैनिंग तंत्र की व्यवस्था करने की बात कही, लेकिन यह कैसे और कौन लगाएगा, इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया।
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17 जनवरी को उड़ी क्षेत्र में नशीले पदार्थों के साथ पीओके ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद लगभग एक माह तक एलओसी ट्रेड ठप रहा था और मंगलवार को हुई बैठक से व्यापारियों को काफी उम्मीदें थीं। यही कारण था कि कश्मीर के कई एलओसी ट्रेडर्स बैठक से पहले नई दिल्ली भी गए थे और पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ बैठक की थी लेकिन कई निर्णायक फैसला नहीं लिया गया।
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ज्वाइंट चैंबर आफ एलओसी ट्रेडर्स (पुंछ) के प्रवक्ता सिराज अहमद खान के अनुसार ड्रग्स की तस्करी में व्यापारियों के हितों की सुरक्षा के संबंध में कोई फैसला नहीं लिया गया। सिर्फ इतना कहा गया कि लोडिंग-अनलोडिंग के समय दोनों ओर के पक्ष मौजूद होंगे। इसके बावजूद यदि कोई ड्रग्स की घटना घटती है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया। पाक अधिकारी इस पर गंभीर विचार करने की बजाय पीओके के गिरफ्तार ड्राइवर की रिहाई के लिए ही प्रयास करते रहे। भारत ने एक बार फिर एलओसी ट्रेड को बार्टर सिस्टम की बजाय बैंकिंग सुविधा से लैस करने की बात रखी लेकिन पाक अधिकारियों ने पिछली बार की ही तरह कहा कि बैंकिंग सेवा के प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं।
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व्यापारियों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि आइटम सूची में आइटमों की संख्या बढ़ाने के लिए कई बार दोनों देशों के मंत्रालयों को कहा गया है, लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया। जीरो प्वाइंट पर स्कैनिंग तंत्र की व्यवस्था करने की बात कही, लेकिन यह कैसे और कौन लगाएगा, इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया।