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Hindi News ›   India News ›   'Yogi Adityanath can become chief minister, so why am I not?'

'योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो मैं क्यूं नहीं?'

Mon, 20 Mar 2017 12:40 PM IST
वुसतुल्लाह खान / पाकिस्तान से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
वुसतुल्लाह खान / पाकिस्तान से बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए Updated Mon, 20 Mar 2017 12:40 PM IST
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'Yogi Adityanath can become chief minister, so why am I not?'
पिछले दो दिन से सलीमुल्लाह हर किसी से मुस्कुरा-मुस्कुरा के मिल रहा है। क्यूं? ये मैं थोड़ी देर में बताउंगा। मैं और सलीमुल्लाह स्कूल फेलो रह चुके हैं मगर मैट्रिक के बाद सलीमुल्लाह ने पढ़ाई छोड़ दी। उनके पिता मौलवी नसीबुल्लाह हमारे मोहल्ले की मस्जिद में इमाम थे। उनकी सभी इज्जत करते थे क्योंकि वो मुसलमानों के दरम्यान कोई भेदभाव नहीं रखते थे। सबको कहते थे कि तुम भले ही शिया हो या कि सुन्नी- अल्लाह को इससे कोई मतलब नहीं, बस नमाज पढ़ा करो, भले ही जैसे भी पढ़ो और किसी भी गैर मुस्लिम के अकीदे को बुरा मत कहो, वो भी अल्लाह का बंदा है।
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और अगर वो तुम्हें कोई दुख नहीं पहुंचा रहा तो तुम भी उसे कोई दुख न पहुंचाओ। कोई दस बरस पहले मौलवी नसीबुल्लाह साहब अल्लाह को प्यारे हो गए और उनकी जगह उनके बेटे सलीमुल्लाह ने संभाली। मगर सलीमुल्लाह में शायद अपने वालिद का कोई भी गुण नहीं।
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हिंदुओं का हिंदुस्तान

'Yogi Adityanath can become chief minister, so why am I not?'
वो हर जुमे को मेंबर पर बैठकर बिना हिचकिचाहट कहता है कि पाकिस्तान सिर्फ और सिर्फ मुसलमानों के लिए बना है, हिंदुओं के लिए हिंदुस्तान है। सलीमुल्लाह का कहना है कि अगर निर्णायक अल्पसंख्यकों को अगर इस धरती से इतनी ही मोहब्बत है तो उन्हें मुसलमान हो जाना चाहिए ताकि हम उन्हें इज्जत और एहतेराम दे सकें - पाकिस्तान का मतलब पाक लोगों की जमीन है।

सलीमुल्लाह ने पिछले सात वर्ष में शहर के दो खाली मंदिरों को मस्जिदों में तब्दील करने का कामयाब आंदोलन चलाया। उसने शहर के नौजवानों को ये दलील देकर जमा किया कि जब इन मंदिरों को पिछले साठ वर्षों से ताला लगा हुआ है तो क्यूं ना इस जगह को पवित्र बना दिया जाए।
 

मस्जिद और मंदिर

'Yogi Adityanath can become chief minister, so why am I not?'
शहर के हिंदू ट्रस्ट ने सलीमुल्लाह की इस हरकत को अदालत में चैलेंज कर रखा है मगर सलीमुल्लाह कहता है किस माई के लाल में हिम्मत है कि इन मस्जिदों को अब मंदिर कह सके और इनका कब्जा ले सके। पिछले वर्ष सलीमुल्लाह की वाह-वाह हो गई जब एक क्रिश्चियन लड़की को चार हथियारबंद लोग ये कहकर उसके पास लाए कि वह अपना धर्म बदलना चाहती है।

सलीमुल्लाह ने उसका कलमा कराया और एक हथियारबंद के साथ उसका निकाह भी पढ़वा दिया। लड़की के खानदान ने गुहार लगा दी कि इसका धर्म जबरदस्ती बदलवाया गया है, लेकिन सलीमुल्लाह का कहना है कि कोई जबरदस्ती नहीं की गई।
 
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राज्य विधानसभा

'Yogi Adityanath can become chief minister, so why am I not?'
लड़की बीस साल की है और अपनी मर्जी से मुसलमान हुई है। अब आप पूछेंगे कि सलीमुल्लाह को इतनी ढील क्यों मिली हुई है। तो इसका जवाब मुझसे नहीं उन लोगों से लीजिए जिन्होंने पिछले चुनाव में उसकी धुआंधार तकरीरों और देश को तमाम काफिराना रिवाजों से पाक करने, जिंदगी लगा देने के वादे पर वोट दे कर उसे पहली बार सूबाई असेंबली में पहुंचाया। सलीमुल्लाह को बहुत कम लोगों ने हंसते हुए देखा है।


हर शख्स मारे डर के उसकी इज्जत करता है भले पीठ पीछे कोई कुछ भी कहता रहे। मगर पिछले दो दिन से सलीमुल्लाह में ये तब्दीली आई है कि वो हर किसी से मुस्कुरा-मुस्कुरा के मिल रहा है। मैंने कान में पूछा, ''खैरियत तो है सलीम भाई! कहने लगा कि पूरी तैयारी कर ली है। पाकिस्तान प्योर मुस्लिम पार्टी ने कहा है कि अगर मैं उन्हें ज्वाइन कर लूं तो अगले चुनाव में मैं उनकी तरफ से चीफ मिनिस्ट्री का उम्मीदवार होऊंगा।

'' मैंने कहा सलीम,'' क्या अब दिन में भी सपने देखने लगे हो!'' कहने लगा, ''क्यूं, तुम क्या अखबार नहीं पढ़ते। अगर पड़ोसी देश के सबसे बड़े सूबे की चीफ मिनिस्ट्री योगी आदित्यनाथ को मिल सकती है तो यहां मौलवी सलीमुल्लाह क्यों चीफ मिनिस्ट्री का उम्मीदवार नहीं बन सकता?''
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