सिंधु जल समझौताः वर्ल्ड बैंक ने दिया पाकिस्तान को झटका
विश्व बैंक ने भारत पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते पर बड़ा ऐलान करते हुए दोनों देशों के बीच न्याय पंचाट के गठन को लेकर चलने वाली प्रक्रिया रोक दी है।
पाकिस्तान चाहता था कि सिंधु जल समझौते के तहत दोनों देशों के बीच उभरे मतभेदों के लिए वैकल्पिक रास्ता तलाशने के लिए विश्व बैंक द्वारा न्याय पंचाट का गठन किया जाए, जबकि भारत ने इस पर अपनी तीखी आपत्ति दर्ज कराई थी। विश्व बैंक के इस फैसले से पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है।
प्रमुख पाकिस्तानी अखबार डॉन ने भी कहा है कि उड़ी आतंकी हमले के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्जिकल स्ट्राइक और सिंधु जल समझौते पर पाक के खिलाफ जो रणनीति बनाई थी उसमें पाक की कोशिशों कामयाब नहीं हो पाई हैं।
विश्व बैंक चाहता है कि भारत और पाकिस्तान खुद दूसरे तरीकों से सिंधु जल समझौते का मामला सुलझा लें। विश्व बैंक अध्यक्ष जिम योंग किम ने कहा कि हम यह रोक इसलिए लगा रहे हैं ताकि सिंधु जल समझौते को बचाया जा सके और दोनों देश आपसी बातचीत से मसले का समाधान निकाल सकें।
भारत ने जताया था पाक की अपील पर एतराज
यह पाक के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। पाकिस्तान ने विश्व बैंक से अपील की थी कि वह पंचाट न्यायालय के लिए एक चेयरमैन की नियुक्ति करे। विश्व बैंक को पाक की इस अपील पर 12 दिसंबर तक फैसला करना था।
डॉन के मुताबिक इस पर रोक बताती है कि पाक सरकार ने इस पर गंभीर प्रयास नहीं किए। जबकि भारत द्वारा विश्व बैंक पर बनाया गया दबाव कामयाब रहा है जो भविष्य में पाक पर भारी पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि विश्व बैंक ने जब पाकिस्तान की अपील पर सुनवाई की बात कही गई थी तभी भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दो टूक कहा था कि - ‘हमने इस मसले पर तटस्थ विशेषज्ञ की की मांग की है लेकिन पाक की अपील पर विश्व बैंक जल्दबाजी दिखा रहा है।’ पाकिस्तानी अखबार नवा-ए-वक्त ने भी कहा है कि इस मसले पर पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी है।
बातचीत से निकालें समस्या का हल : विश्व बैंक
विश्व बैंक अध्यक्ष जिम योंग किम ने कहा कि- ‘हम चाहते हैं कि सिंधु जल संधि को बचाया जा सके, इसलिए हम इस पर रोक लगा रहे हैं ताकि दोनों देश आपसी बातचीत से मामले को सुलझा सकें और दोनों हाइड्रो पॉवर प्लांट पर शुरू होने वाले विवाद को खत्म करने का कोई रास्ता निकाल सकें।’ किम ने यह बात दोनों देशों के वित्त मंत्रियों को लिखकर दिए गए पत्र में कही है।
मोदी के बयान से बौखला गया था पाकिस्तान
जिस दिन संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर पूरे विश्व के सामने खरी-खरी सुना रही थीं, उसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते हैं। मोदी ने ऐसा कहकर उसी दिन आतंकवाद की पनाह देने वाले पाकिस्तान को सिंधु जल समझौते को रद करने की चेतावनी पाक को दी थी, जिससे पड़ोसी देश में बौखलाहट थी।
आगे क्या होगा
सिंधु जल समझौते को लेकर भारत भी विश्व बैंक पहुंचा था। भारत ने तटस्थ विशेषज्ञ नियुक्त करने की बात की थी। ऐसे में दोनों देशों के अनुरोध के बाद माना जा रहा था कि मामला कानूनी तौर पर अस्थिर हो सकता है। आशंका थी कि इससे विवाद पैदा करने वाले परिणाम आ सकते हैं। लेकिन विश्व बैंक का फैसला बताता है कि भारत-पाक के बीच इस मुद्दे पर आपसी बातचीत जारी रखी जाए न कि किसी अन्य को बीच में लाया जाए।