दलाई लामा के स्वागत में सजा तवांग, चीन के विरोध पर भारत ने कहा- हद में रहो
अरुणाचल प्रदेश में तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा की यात्रा से बौखलाए पड़ोसी चीन को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने करारा जवाब दिया है। रिजिजू ने कहा है कि दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा को कोई राजनीतिक रंग न दिया जाए। उन्होंने कहा है कि दलाई लामा की यात्रा का उद्देश्य पूर्ण रूप से धार्मिक था।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए रिजिजू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के लोग अपने पड़ोसी देश चीन के लोगों के साथ अच्छे रिश्ते रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम कभी हमारे पड़ोसियों के साथ कोई समस्या उत्पन्न नहीं करना चाहते।Visit is purely religious in nature&there should be no political angle given to that: Union Min Kiren Rijiju on Dalai Lama's Arunachal visit pic.twitter.com/0vczonDx3m
— ANI (@ANI_news) April 4, 2017विज्ञापन
Ppl of AP desire to have good neighbourly relations with ppl of China. We never intend to have any problem with our neighbours: Kiren Rijiju pic.twitter.com/UNPnmHrlWl
— ANI (@ANI_news) April 4, 2017
रिजिजू ने कहा- 'भारत चीन के आंतरिक मामलों में कभी हस्तक्षेप नहीं करता। हमें उम्मीद है कि चीन को भी हमारे आंतरिक मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।' उन्होंने कहा कि प्रत्येक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को स्वतंत्रता दी जानी चाहिए, हमें उम्मीद है कि दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश यात्रा से किसी को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
Religious sentiments of every community must be given freedom,we expect nobody should have problem on visit of the Dalai Lama to AP-K.Rijiju pic.twitter.com/auun1qnf45
— ANI (@ANI_news) April 4, 2017
दलाई लामा की यात्रा से पहले अरुणाचल प्रदेश के शहर तवांग में तैयारियां जोरों-शोरों पर हैं।
Preparations underway for the Dalai Lama's visit to Arunachal Pradesh's Tawang. pic.twitter.com/wI1RMTtJqm
— ANI (@ANI_news) April 4, 2017
गौरतलब है कि चीन ने हाल के दिनों में कई बार कहा है कि दलाई लामा की तवांग यात्रा से भारत और चीन के आपसी संबधों पर असर हो सकता है। हालांकि भारत ने चीन के विरोध को दरकिनार कर लामा को अरुणाचल प्रदेश जाने की अनुमति दे दी है।