ये है यूपी के तमाम उम्मीदवारों का लेखा जोखा, हर पांचवां दागी
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बुधवार को उत्तर प्रदेश की 40 सीटों पर अंतिम चरण का मतदान होना है जिसके बाद प्रदेश में चुनावों का रण कल थम जाएगा। छह चरणों की वोटिंग के बाद पहले ही प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है जिसका पिटारा होली से एक दिन पहले 11 मार्च को खुलेगा।
जैसे जैसे चुनाव संपन्न होते जा रहे हैं उम्मीदवारों की कुंडली भी पूरी तरह सामने आती जा रही है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों पर निगाह रखने वाली संस्था एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफार्म के मुताबिक इस बार रिकार्ड संख्या में पार्टियों ने दागी उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं। इसे पूरी तरह समझने के लिए हमें आंकडों का सहारा लेना पड़ेगा।
मसलन इस बार के विधानसभा चुनावों में कुल 4853 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने उतरे। इनमें से 4853 उम्मीदवारों ने अपनी आय और आपराधिक मामलों संबंधी जानकारी सार्वजनिक की है। एडीआर ने सभी उम्मीदवारों के विश्लेषण के बाद पाया कि मौजूदा चुनावों में कुल 858 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 704 के खिलाफ तो गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
मायावती के उम्मीदवार सबसे ज्यादा करोड़पति
पार्टी वाइज बात करें तो बसपा के सबसे ज्यादा 40 फीसदी उम्मीदवार दागी हैं जबकि सपा के 37 फीसदी, भाजपा के 36 फीसदी और कांग्रेस के 32 फीसदी उम्मीदवार दागी हैं। पढ़ाई लिखाई की बात करें तो यूपी के उम्मीदवार इस मामले में बहुत अच्छे नजर नहीं आते।
कुल 4853 उम्मीदवारों में से आधे से भी कम मात्र 2299 उम्मीदवारों ने ही ग्रेजुएट की पढ़ाई की है। हां धन दौलत के मामले में जरूर यूपी के उम्मीदवारों के वारे न्यारे हैं। इनमें अच्छी खासी संख्या करोड़पति उम्मीदवारों की भी है। कुल 1456 उम्मीदवार करोडों की संपति के मालिक हैं।
हालांकि महिला उम्मीदवारों के मामले में यूपी अभी भी काफी पीछे है जहां मात्र 445 महिलाओं को ही मौजूदा चुनावों में उतारा गया है। दागियों की तरह करोड़पतियों के मामले में भी बसपा सबसे आगे है। बसपा के 83 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं तो सपा भाजपा के उससे कम 79 फीसदी उम्मीदवार करोडों की संपति के मालिक हैं।