राज्यपाल से मिलने के बाद बोले तेजस्वी- नीतीश पर मर्डर का केस किस मुंह से लेंगे शपथ?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार में नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफे के बाद सियासी उठापटक जारी है। महागठबंधन के दो मुख्य दल आरजेडी और जेडीयू एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। तेजस्वी यादव और आरजेडी विधायकों ने देर रात राजभवन तक जेडीयू-बीजेपी के खिलाफ मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया। जिसके बाद तेजस्वी यादव समेत पांच आरजेडी नेता को राज्यपाल से मिले। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल से जेडीयू-बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण को रोकने का आग्रह किया।
We have requested Guv to stall the swearing-in ceremony and give us a chance to prove majority on the floor: Tejashwi Yadav, RJD pic.twitter.com/jxeunUQBPp
— ANI (@ANI_news) July 26, 2017विज्ञापन
राज्यपाल से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि 'सबसे बड़ी पार्टी होने के चलते राज्यपाल को सरकार का दावा पेश करने के लिए आरजेडी को पहले बुलाना चाहिए था। हमारे साथ विश्वासघात किया जा रहा है। बीजेपी-नीतीश में हिम्मत है तो चुनाव कराएं। जेडेयू के कई विधायक हमारे संपर्क में हैं।'
RJD, Cong and all those who oppose BJP-RSS & #NitishKumar will protest, hold dharnas & burn effigies: Tejashwi Yadav pic.twitter.com/0EjFrrHUXr
— ANI (@ANI_news) July 26, 2017
कहा कि 'अचानक इस्तीफा देकर नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के साथ धोखा किया है। शाम का शपथ ग्रहण सुबह क्यों किया गया। नीतीश पर मर्डर और आर्म्स एक्ट के कई आरोप हैं वह किस मुंह से शपथ लेंगे। नीतीश कुमार में साफ तौर पर बड़बड़ाहट है। वह हमसे डर गए। मुझे मोहरा बनाकर नीतीश ने अपनी राजनीतिक छवि चमकाने की कोशिश की। उन्हें बिहार की जनता से माफी मांगनी चाहिए। नीतीश ने लोकतंत्र की हत्या की है। आरजेडी भाजपा विरोधी दलों के साथ आज से पूरे बिहार में आंदोलनन छेड़ेगी। हम इस मुद्दे को अदालत में भी उठाएंगे। '
वहीं राज्यपाल ने कहा कि 'सरकार बनाने के लिए आरजेडी ने पहले दावा पेश नहीं किया। वह 28 जुलाई को विधानसमभा में बहुमत परीक्षण में ताकत दिखाए।'
दरअसल सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए आरजेडी ने 11 बजे का समय मांगा था लेकिन 10 बजे ही आरजेडी-बीजेपी के शपथ ग्रहण के बाद नाराजगी जाहिर करते हुए यह मार्च निकाला गया।
इस दौरान तेजस्वी ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद हमें सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए नहीं बुलाया गया यह साफ तौर पर लोकतंत्र की हत्या है और हमारे साथ अन्याय हो रहा है।
I've been defamed. People of Bihar are watching. Being the largest party we should have been invited (to form govt in Bihar): Tejashwi Yadav pic.twitter.com/igfY4eDYZL
— ANI (@ANI_news) July 26, 2017
वहीं इससे पहले जेडीयू और बीजेपी ने राजभवन में राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। जिसके बाद राज्यपाल ने नीतीश के शपथ ग्रहण समारोह का समय 10 बजे तय कर दिया जो कि पहले शाम पांच बजे होना था। वहीं तेजस्वी यादव ने कहा कि 'सबसे बड़ा दल होने के चलते अगर हमें सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए नहीं बुलाया जाता है तो हम राज्यपाल के घर के बाहर धरना देंगे।'
Guv gave us time at 11 am & now suddenly asked for NDA's oath ceremony at 10 am. Why so much hurry & rush Mr.Honest?, tweets Tejashwi Yadav
— ANI (@ANI_news) July 26, 2017
तेजस्वी ने दावा किया कि 'जेडीयू के कई विधायक हमारे संपर्क में हैं क्योंकि वह वह नीतीश के साथ घुटन महसूस कर रहे हैं।'
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि 'राज्यपाल ने हमें 11 बजे मिलने का समय दिया था लेकिन अचानक ही सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण समारोह तय कर दिया गया, इससे नीतीश कुमार हड़बड़ी साफ दिख रही है। नीतीश ने कई विधायकों को बंधक बनाकर रखा हुआ है।'
Tejashwi Yadav tweets, "we are going to Governor house to stage dharna if not called for being the single largest party" #Bihar
— ANI (@ANI_news) July 26, 2017
गौरतलब है कि बिहार में जेडीयू के 71 विधायक हैं और बीजेपी के 53, ऐसे में दोनों पार्टियां मिलकर आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लेती हैं। बिहार में बहुमत का आंकड़ा 122 है और दोनों पार्टियों के 124 विधायक हो रहे हैं।