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तमिलनाडु: अभी एक नहीं होंगे AIADMK के दोनों गुट, विलय पर संकट के बादल

Sat, 19 Aug 2017 07:47 AM IST
amarujala.com-presented by: अभिषेक तिवारी
amarujala.com-presented by: अभिषेक तिवारी Updated Sat, 19 Aug 2017 07:47 AM IST
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Tamil Nadu: AIADMK's EPS-OPS merger likely soon
AIADMK - फोटो : ANI
एआईएडीएमके समर्थक तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के चेन्नई के मरीन बीच पर बने मेमोरियल पहुंचे। सूबे में खबर चल रही है कि  एआईएडीएमके के दो धड़े ओ. पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) और ई पलानीस्वामी (ईपीएस) जल्द ही एक हो सकते हैं। लेकिन दोनों धड़ों में चले लंबे घमासान के बाद कोई हल निलकता नजर नहीं आ रहा है।
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गौरतलब है कि जे. जयललिता के निधन के बाद से ही पार्टी में गतिरोध जारी है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक जया मेमोरियल और पन्नीरसेल्वम के घर की सजावट की जा रही है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि पार्टी के विलय होने का आधिकारिक एलान जल्द ही किया जा सकता है।
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गौरतलब है कि पिछले दिनों तमिलनाडु के मंत्री डी. जयाकुमार ने कहा था कि हमें पूरा विश्वास है कि पार्टी के दोनों धड़े एक होंगे। वहीं पार्टी का कहना था कि वीके शशिकला को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी केवल नए अध्यक्ष के चुनाव तक के लिए बनाया गया था।

दोनों धड़ों के विलय के फॉर्मूले पर भी काम कर लिया गया है। नए फॉर्मूले के तहत मुख्यमंत्री पद पर पलानीस्वामी बने रहेंगे तो वहीं पन्नीरसेल्वम को उप मुख्यमंत्री पद दिया जा सकता है। इसके साथ ही पन्नीरसेल्वम गुट के दो मंत्री माफोई पांडियाराजन और सेम्‍मामलई को कैबिनेट में जगह मिल सकती है।

जयललिता की भतीजी  दीपा ने किया जया के आवास को स्मारक में बदलने का विरोध

Tamil Nadu: AIADMK's EPS-OPS merger likely soon
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की भतीजी जे. दीपा ने चेन्नई स्थित अपनी बुआ के आवास को स्मारक में बदलने की तमिलनाडु सरकार की योजनाओं का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि वह इसके खिलाफ कानूनी कदम उठाएंगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार जयललिता के आवास ‘वेदा निलायम’ को स्मारक में बदलेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि जयललिता के निधन की जांच के लिए एक आयोग गठित किया जाएगा। दीपा ने कहा कि पोएस गार्डन संपत्ति पर दावा करना उनका ‘नैतिक एवं कानूनी अधिकार’ है। उन्होंने मुख्यमंत्री की इस घोषणा को ‘नाटक’ करार देते हुए कहा कि इस घोषणा का असल मकसद कुछ और है।

बता दें कि दीपा ने दिवंगत जे. जयललिता के निधन के कुछ महीनों बाद राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने आरके नगर विधानसभा सीट से 12 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव के लिए अपना नामांकन भी भरा था। इस सीट का प्रतिनिधित्व पहले जयललिता करती थीं। हालांकि निर्वाचन आयोग ने धन बल के कथित इस्तेमाल को लेकर इस उपचुनाव को रद्द कर दिया था।
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