फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   supreme court hearing on babri masjid case of uttar pradesh

अयोध्या विवाद पर आज सुनवाई करेगा SC, पहले तय होगा भूमि पर किसका अधिकार

Tue, 05 Dec 2017 10:44 AM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
टीम डिजिटल अमर उजाला Updated Tue, 05 Dec 2017 10:44 AM IST
विज्ञापन
supreme court hearing on babri masjid case of uttar pradesh
लंबे समय से देश के दो बड़े समुदायों के बीच विवाद की वजह बने हुए राम जन्मभूमि मसले पर सुप्रीम कोर्ट आज यानी मंगलवार को सुनवाई करेगा। मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 13 अपील दाखिल की गई है। इनमें वे याचिकाएं भी हैं जिनमें इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के वर्ष 2010 के आदेश को चुनौती दी गई है। 
विज्ञापन


हाईकोर्ट की पीठ ने विवादित स्थल के 2.77 एकड़ क्षेत्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और रामलला के बीच बराबर-बराबर हिस्से में विभाजित करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा था कि पहले हम यह तय करेंगे कि विवादित भूमि पर किसका अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि भूमि विवाद का मामला सुलझने के बाद पूजा-अर्चना का अधिकार आदि मसलों पर बाद में सुनवाई होगी।
विज्ञापन


पढ़ें- धर्म संसद में संघ प्रमुख भागवत बोले- अयोध्या में सिर्फ राम मंदिर बनेगा, कोई दूसरा ढांचा नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन


इस मामले में भाजपा नेता सुब्रह्मणयम स्वामी के कूदने से सरगर्मी बढ़ गई थी। उन्होंने तीन बार पूर्व चीफ जस्टिस जेएस खेहर के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की गुहार लगाई थी। जिसके परिणामस्वरूप सुप्रीम कोर्ट सात वर्ष से लंबित इस मामले की सुनवाई कर रहा है।

इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के तमाम पक्षकारों को अदालत के बाहर बातचीत से मसले का हल निकालने की पहल की थी लेकिन यह प्रयास विफल रहा। ऐसे में अब अदालती प्रक्रिया के तहत इसका हल निकाला जाएगा। 

बाबरी मस्जिद पर शिया वक्फ बोर्ड की दावेदारी से इनकार

supreme court hearing on babri masjid case of uttar pradesh
इस मामले में शिया वक्फ बोर्ड के आ जाने से सुनवाई और दिलचस्प हो गई है। शिया वक्फ बोर्ड ने निचली अदालत द्वारा 30 मार्च, 1946 को दिए उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें बाबरी मस्जिद पर शिया वक्फ बोर्ड की दावेदारी मानने से इनकार कर दिया गया था। 

सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में बोर्ड ने कहा कि चूंकि इससे संबंधित सभी मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं इसलिए उन्होंने निचली अदालत के फैसले को सीधे शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। अपनी याचिका में बोर्ड ने यह कहा कि बाबरी मस्जिद मुगल राजा बाबर ने नहीं बल्कि उनके मंत्री अब्दुल मीर बाकी ने बनवाया था। 

बोर्ड का यह भी कहना है कि मीर बाकी ने अपने पैसे से इसका निर्माण कराया था और मंदिर को तोड़कर बाबरी मस्जिद का निर्माण किया गया था। चूंकि मीर बाकी शिया था लिहाजा यह शिया वक्फ की संपत्ति है। याचिका में कहा गया कि निचली अदालत का यह आदेश गलत है जिसमें बाबरी मस्जिद को शिया वक्फ की संपत्ति मानने से इनकार कर दिया गया था।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed