जब्त होगी सहारा की 39 हजार करोड़ की संपत्ति, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश
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सहारा समूह को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका देते हुए समूह की पुणे स्थित ऐंबी वैली को जब्त करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायाधीश एके सीकरी की पीठ ने यह फैसला सुनाया।
पीठ ने 20 फरवरी तक सहारा से उन सभी संपत्तियों की सूची मांगी है जो विवादित नहीं है। जिससे इन संपत्तियों की नीलामी के जरिए सहारा से उसका बकाया वसूला जा सके। कोर्ट के मुताबिक सहारा को उनके बकाया 14,779 करोड़ रुपये चुकाने को बाध्य करने के लिए यह निर्णय जरुरी था। एेंबी वैली सहारा समूह के द्वारा महाराष्ट्र में बसाई गई एक टाउनशिप है। जिसकी कीमत लगभग 39 हजार करोड़ रुपये है।
आपको बता दें कि सहारा ने इससे पहले 11 हजार करोड़ रुपये सेबी को चुका दिए थे। बाकी की बची रकम को चुकाने के लिए सहारा समूह ने कोर्ट से जुलाई 2019 तक का वक्त मांगा था। लेकिन कोर्ट ने समूह द्वारा मांगे गए समय को ज्यादा बताते हुए समूह की इस मांग को खारिज कर दिया। वहीं कोर्ट जल्द से जल्द नीलामी के जरिए बकाया राशि वसूल करना चाहता है।
Sahara case: Supreme Court orders attachment of Aamby Valley properties near Lonavala; Next hearing on Feb 27.
— ANI (@ANI_news) February 6, 2017
सुप्रीम कोर्ट ने बढाई पैरोल
वहीं दूसरी ओर सहारा प्रमुख सुब्रत राय को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए 27 फरवरी तक उनकी पैरोल आगे बढ़ा दी है। इस मामले में अब अगली सुनवाई 27 फरवरी को होनी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय की पैरोल आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था।
बता दें कि सहारा प्रमुख 5 मई 2016 से पैरोल पर जेल से बाहर हैं। 12 जनवरी को सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत राय से सेबी को 600 करोड़ रुपये जमा करने को कहा था। साथ ही सुब्रत राय की पैरोल और आगे बढ़ाने से भी मना कर दिया था।