सुप्रीम कोर्ट ने कहा तमिलनाडु को मिले कावेरी का जल, कर्नाटक बोला नहीं दे सकते
कावेरी नदी को लेकर घमासान खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। कर्नाटक के कावेरी का जल तमिलनाडु को न देनें के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर आदेश दिया है कि कर्नाटक एक से छह अक्टूबर के बीच तमिलनाडु को 6000 क्यूसेक पानी रोज दे।
साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार से तीन दिनों के अंदर कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड की स्थापना और कार्य शुरू करने का भी आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि हम नहीं चाहते ऐसी स्थिति आए जिसमें कड़े कानून का इस्तेमाल करना पड़े। कोर्ट ने बोर्ड से कहा है कि एक हफ्ते में पूरे मामले पर एक रिपोर्ट पेश करे। वहीं कर्नाटक पानी न छोड़ने की अपनी बात पर अड़ा हुआ है।
उमा ने दी भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी
दूसरी ओर कोर्ट के आदेश का पालन न करा पाने की सूरत में उसके वकील फली एस नरीमन ने अपने आप को केस से अलग कर लिया है। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती दोनों राज्यों के बीच विवाद सुलझा पाने में असमर्थ रहीं थी। हालांकि भारती ने दोनों राज्यों से कोर्ट के बाहर समझौता करने का आग्रह किया है।
साथ ही विवाद न सुलझने की सूरत में उमा ने दोनों राज्यों की सीमा पर भूख हड़ताल पर बैठने की भी चेतावनी दी है।
वहीं कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से बोर्ड का गठन कर कावेरी में उपलब्ध जल का आकलन करने का आग्रह किया है। क्योंकि राज्य का कहना है कि उसके पास खुद पीने का जल नहीं है तो तमिलनाडु को कहां से दे।