फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Problem for Vadra increases as Justice Dhingra submits report

जस्टिस ढींगरा ने माना, वाड्रा जमीन सौदे में हुई गड़बड़ी, कांग्रेस ने बताया साजिश

Wed, 31 Aug 2016 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 31 Aug 2016 11:37 PM IST
विज्ञापन
Problem for Vadra increases as Justice Dhingra submits report
ख्‍ाट्टर व ढींगरा

चंडीगढ़ में ढींगरा आयोग की रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के तुरंत बाद दिल्ली में कांग्रेस राबर्ट वाड्रा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पक्ष में खड़ी हुई। कांग्रेस ने आयोग के चेयरमैन जस्टिस एसएन ढींगरा और आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

विज्ञापन


कांग्रेस का कहना है कि जस्टिस ढींगरा जिस गोपाल सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के जुड़े हैं उसे निजी जमीन मुफ्त दिलाई गई। साथ ही वहां तक कंक्रीट सड़क बनाने पर वर्तमान सरकार ने अनुचित ढंग से एक करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
विज्ञापन


कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने बुधवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि गुडग़ांव में जस्टिस ढींगरा के ट्रस्ट को उपहार स्वरूप जमीन देना कितना उचित है। ऐसे समय में जब ढींगरा स्वयं जमीन की जांच से संबंधित आयोग के चेयरमैन थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ढींगरा आयोग केंद्र और राज्य सरकार के हाथों की कठपुतली बनकर काम करता रहा। उन्होंने आयोग के गठन के तरीके उसकी कार्यप्रणाली और कार्यकाल बढ़ाने पर भी सवाल उठाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

2.7 एकड़ जमीन राबर्ट वाड्रा से संबंधित

Problem for Vadra increases as Justice Dhingra submits report
रॉबर्ट वाड्रा - फोटो : file photo

आयोग की जांच के दायरे में शामिल गांधी परिवार से जुड़े राबर्ट वाड्रा उनकी कंपनी स्कॉई लाइट हॉस्पिटलिटी को लेकर सफाई में उतरी पार्टी ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को बदनाम करने के राजनीतिक षडयंत्र के तहत ढींगरा आयोग का गठन किया गया था। सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा में विभिन्न सरकारों ने करीब 32 हजार 897 एकड़ जमीन के लाइसेंस दिए हैं। जबकि आयोग की जांच का दायरा 16 लाइसेंस और 63.40 एकड़ जमीन तक सीमित रहा। जिसमें 2.7 एकड़ जमीन राबर्ट वाड्रा से संबंधित है।

 इसमें न तो वाड्रा और न ही उनकी कंपंनी ने कोई नियम-कानून का उल्लघंन किया।  सरकार ने उनका लाइसेंस रिन्यू नहीं किया है और न ही डीएलएफ को जमीन ट्रांसफर को लेकर अंतिम अनुमति दी है। उसके बाद भी वर्तमान सरकार ने नीति में परिवर्तन कर जमीन पाना आौर स्थानांतरण करना तआसान बना दिया है। सुरजेवाला का कहना है कि ढींगरा आयोग ने न तो रॉबर्ट वाड्रा, न उनकी कंपंनी और न ही तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कोई समन जारी किया है। अयोग ने हुड्डा को को लिखकर जवाब दिया किया है कि आपके खिलाफ कोई शिकायत नहीं आई है।

जबकि आयोग एक्ट के मुताबिक अगर जांच में किसी व्यक्ति पर प्रतिकूल टिप्पणी होती है तो उसे समन जारी होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोची समझी राजनीति के तहत इस मुद्दे को जिंदा रखने के लिए ऐसा किया जा रहा है।
आयोग ने रिपोर्ट सौंपी भी नहीं थी लेकिन मीडिया में सार्वजनिक में उसके अंश आ रहे हैं।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed