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आतंक के खिलाफ एकजुट हों आसियान देश, पीएम मोदी ने बताया इसे बड़ी चुनौती
एजेंसी / मनीला
Updated Wed, 15 Nov 2017 04:35 AM IST
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आसियान सम्मेलन में बोलते हुए पीएम मोदी
- फोटो : ani
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत ने आतंकवाद का दंश सबसे ज्यादा झेला है और अब समय आ गया है कि आसियान के सदस्य देश इस बुराई से खिलाफ एकजुट हो जाएं। प्रधानमंत्री मंगलवार को यहां भारत-आसियान शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद और अतिवाद आसियान देशों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं और अब इन देशों को इनसे सामूहिक रूप से लड़ने के लिए सभी को हाथ मिला लेना चाहिए।
पढ़ें:- आसियान के 50 सालः जानिए क्यों बना और क्या करता है यह संगठन
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भारत ही नहीं, इस क्षेत्र के सभी देश इन बुराइयों से प्रभावित हैं और आतंकवाद एवं हिंसक अतिवाद के खात्मे के लिए सभी देश अपनी-अपनी लड़ाई भी लड़ रहे हैं लेकिन अब हमें इन चुनौतियों का मिलकर सामना करना पड़ेगा।
इसके लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा देना जरूरी है। याद रहे कि प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों से आतंकवाद के खात्मे के लिए आपसी सहयोग की अपील की है।
आतंकवाद और अतिवाद पर आसियान देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के अलावा मोदी ने साउथ चाइना सी में चीन की दादागीरी पर भी अंकुश लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में नियमों पर आधारित सुरक्षा ढांचा तैयार करने के पक्ष में है।
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उन्होंने कहा कि आतंकवाद और अतिवाद आसियान देशों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं और अब इन देशों को इनसे सामूहिक रूप से लड़ने के लिए सभी को हाथ मिला लेना चाहिए।
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भारत ही नहीं, इस क्षेत्र के सभी देश इन बुराइयों से प्रभावित हैं और आतंकवाद एवं हिंसक अतिवाद के खात्मे के लिए सभी देश अपनी-अपनी लड़ाई भी लड़ रहे हैं लेकिन अब हमें इन चुनौतियों का मिलकर सामना करना पड़ेगा।
इसके लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा देना जरूरी है। याद रहे कि प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में लगभग सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों से आतंकवाद के खात्मे के लिए आपसी सहयोग की अपील की है।
आतंकवाद और अतिवाद पर आसियान देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के अलावा मोदी ने साउथ चाइना सी में चीन की दादागीरी पर भी अंकुश लगाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्र में नियमों पर आधारित सुरक्षा ढांचा तैयार करने के पक्ष में है।
चीन के खिलाफ चतुष्कोणीय गठबंधन
आसियान सम्मेलन में शामिल हुए प्रतिनिधि
- फोटो : ani
मोदी की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए भारत और अमेरिका की साझा प्रतिबद्धता पर जोर दिया था।
इस मामले में भारत, अमेरिका और जापान ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की दबंगई की छाया से आसियान शिखर सम्मेलन भी अछूता नहीं रहा।
पढ़ें:- चीन को सबक सिखाने के मूड में PM मोदी, गणतंत्र दिवस पर दिखेंगे 7 देशों के प्रमुख
प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र से चीन के दबदबे को खत्म करने के लिए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे के अलावा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल के साथ भी बातचीत की है। रविवार को पहली बार भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका ने इस जल क्षेत्र को मुक्त करने के लिए एक चतुष्कोणीय गठबंधन बनाने पर चर्चा की है।
मालूम हो कि चीन पूरे साउथ चाइना सी को अपना क्षेत्र मानता है। जबकि खनिज संपदा का भंडार समेटे इस जल क्षेत्र पर वियतनाम, फिलीपींस और ब्रुनेई जैसे आसियान के सदस्य देश भी दावा करते हैं। भारत इस क्षेत्र में समुद्री आवागमन और प्राकृतिक संसाधनों पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार दावे को स्वीकार करने के पक्ष में है।
इस मामले में भारत, अमेरिका और जापान ने चीन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की दबंगई की छाया से आसियान शिखर सम्मेलन भी अछूता नहीं रहा।
पढ़ें:- चीन को सबक सिखाने के मूड में PM मोदी, गणतंत्र दिवस पर दिखेंगे 7 देशों के प्रमुख
प्रधानमंत्री ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र से चीन के दबदबे को खत्म करने के लिए जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे के अलावा ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल के साथ भी बातचीत की है। रविवार को पहली बार भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका ने इस जल क्षेत्र को मुक्त करने के लिए एक चतुष्कोणीय गठबंधन बनाने पर चर्चा की है।
मालूम हो कि चीन पूरे साउथ चाइना सी को अपना क्षेत्र मानता है। जबकि खनिज संपदा का भंडार समेटे इस जल क्षेत्र पर वियतनाम, फिलीपींस और ब्रुनेई जैसे आसियान के सदस्य देश भी दावा करते हैं। भारत इस क्षेत्र में समुद्री आवागमन और प्राकृतिक संसाधनों पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार दावे को स्वीकार करने के पक्ष में है।
एक तरफ कहा, भारत से रक्षा संबंध और होंगे मजबूत
आसियान सम्मेलन में जापान के पीएम से बात करते हुए पीएम मोदी
- फोटो : ani
आसियान सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का वादा करते हुए कहा कि वह विश्व के दो महान लोकतांत्रिक देशों की सेनाओं को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना के रूप में देखना चाहते हैं। सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय मुलाकात में दोनों नेताओं ने इसके लिए काम करने का संकल्प भी जताया।
उधर, पाक के सामने रखी गई कार्रवाई की शर्त से लश्कर का नाम हटाया
अमेरिकी कांग्रेस ने पाकिस्तान को 70 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता बहाल करने के लिए लश्कर-ए-ताइबा के खिलाफ कार्रवाई की शर्त को हटा दिया है। उसने कहा है कि पाक अगर सिर्फ हक्कानी नेटवर्क पर भी कार्रवाई करता है तो उसकी मदद फिर चालू कर दी जाएगी। सितंबर में अमेरिका ने हक्कानी नेटवर्क के साथ भारत में केंद्रित लश्कर पर कार्रवाई की कड़ी शर्त लगाई थी।
उधर, पाक के सामने रखी गई कार्रवाई की शर्त से लश्कर का नाम हटाया
अमेरिकी कांग्रेस ने पाकिस्तान को 70 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता बहाल करने के लिए लश्कर-ए-ताइबा के खिलाफ कार्रवाई की शर्त को हटा दिया है। उसने कहा है कि पाक अगर सिर्फ हक्कानी नेटवर्क पर भी कार्रवाई करता है तो उसकी मदद फिर चालू कर दी जाएगी। सितंबर में अमेरिका ने हक्कानी नेटवर्क के साथ भारत में केंद्रित लश्कर पर कार्रवाई की कड़ी शर्त लगाई थी।