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जवानों से बर्बरता पर भारत का पलटवार, पाक बताए उसने नहीं तो किसने किया यह काम?
amarujala.com-Presented by- अकरम
Updated Tue, 02 May 2017 09:51 PM IST
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वाइस चीफ आर्मी स्टाफ सरथ चंद
- फोटो : ANI
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा दो भारतीय सैनिकों के शवों को क्षत-विक्षत किए जाने के बाद पाकिस्तान के इस नापाक हरकत से पल्ला झाड़ने पर वाइस चीफ आर्मी स्टाफ सरथ चंद सवाल उठयाा है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सरथ चंद ने कहा कि पाकिस्तान की इस हरकत को उचित नहीं ठहरा सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तानी सेना ने ऐसा नहीं किया है, तो फिर वो बताए और कौन है?
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जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के बैट दस्ते के एलओसी पार कर दो जवानों की नृशंस हत्या करने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। यूपीए सरकार के दौरान रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी ने सेना को पाकिस्तान से निपटने की खुली छूट देने की मांग की है। वहीं कांग्रेस ने भाजपा नेताओं के पुराने बयानों को लेकर कटाक्ष किया है। और फुलटाइम रक्षा मंत्री न होने पर भी सवाल उठाया है।
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एंटनी ने कहा कि उनके आठ साल के कार्यकाल में सिर्फ एक ही ऐसी क्रूर घटना हुई थी जबकि वर्तमान केंद्र सरकार के तीन साल के कार्यकाल में सैनिकों के साथ तीन बार बर्बरतापूर्ण कार्रवाई हुई है। एंटनी ने कहा, मैं इस घटना का राजनीतिकरण नहीं चाहता हूं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार को सेना को पूरी छूट देनी चाहिए। सेना तय करे कि कहां और कैसे एक्शन लेना है।
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वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पुराने बयानों पर तंज कसते हुए कहा, ‘जब वह सांसद थीं तो कहती थीं, क्या हमें प्रधानमंत्री को चूड़ियां भेजनी चाहिए। वो महिला सांसद आज मंत्री हैं तो क्या वह पीएम को चूड़ियां भेजेंगी। हमारा आग्रह है कि सरकार अब चूड़ियां उतारिए और कुछ कर दिखाइए।’ सिब्बल ने कहा कि ये लोग 2019, 2024 और 2029 का सोचते हैं तो अभी सुरक्षा का कैसे सोचेंगे। एक के बदले दस सिर लाने की बात कहते थे अब बताएं कि दो के बदले कितने सिर लाएंगे।
सिब्बल ने सवाल उठाया कि फुलटाइम रक्षा मंत्री होते तो फुलटाइम स्ट्रैटजी होती। दुख की बात है कि प्रधानमंत्री के पास देश की सुरक्षा की कोई नीति ही नहीं है। क्या करेंगे, कब करेंगे, कैसे करेंगे ये सेना निर्णय लेगी लेकिन सरकार को कोई नीति तो बनानी होगी। विपक्ष के साथ भी बात नहीं करते क्योंकि विचारों के लिए इनके पास वक्त ही नहीं है। इन्हें तो बस चुनाव प्रचार करना है और ‘विजय दिवस’ मनाना है। सुकमा और कश्मीर में हादसे के बाद अगर जश्न मनाया जाए तो ये शर्मनाक बात है। हमने तो विजय दिवस तब मनाया था जब पाकिस्तान के टुकड़े हुए थे। 250 मीटर घुसकर पाकिस्तान ने जवान मार दिए और दिल्ली में विजय दिवस मनाया जा रहा है। इन्हें प्रचार से फुर्सत मिलेगी और इवेंट मैनेजमेंट बंद करेंगे तभी तो सरहद की सुरक्षा होगी।
सिब्बल ने कहा कि नोटबंदी के बाद इन्होंने कहा था कि आतंकवाद रुक जाएगा। आतंकवादी लगातार हमले कर रहे हैं और नक्सलियों ने सुकमा में हमला किया। पिछले 35 महीनों में जम्मू कश्मीर में 135 जवानों की शहादत हुई है। उन्होंने कहा कि पाक से कोई उम्मीद नहीं रखी जानी चाहिए। न ही उसे गले लगाने की जरूरत है। जिनके दिल में भारत के लिए घृणा है उन्हें अपने शपथ ग्रहण समारोह में बुलाते हैं। ये कैसे प्रधानमंत्री हैं और कैसी सरकार है।