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सुप्रीम कोर्ट नहीं संसद तय करेगी सांसदों को कितनी पेंशन दी जाए : जेटली

Fri, 24 Mar 2017 09:30 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Fri, 24 Mar 2017 09:30 AM IST
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Only Parliament can decide pension for ex-MPs, says Arun Jaitley after SC remark
अरुण जेटली - फोटो : PTI
न्यायपालिका को परोक्ष संदेश देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह तय करने का अधिकार केवल संसद को है कि सांसदों को कितनी पेंशन दी जा सकती है और अंतर-संस्थागत अनुशासन का सम्मान करना होगा।
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संसद सदस्यों को मिलने वाली पेंशन और अन्य सुविधाएं रद्द करने की मांग करने वाली अपील पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से सुप्रीम कोर्ट द्वारा जवाब तलब किए जाने के एक दिन बाद राज्यसभा में बृहस्पतिवार को विपक्षी सदस्यों सदस्यों ने चिंता जताते हुए कहा कि सांसदों की छवि धूमिल की जा रही है। 
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इस पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री और सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा, ‘यह एक निर्विवाद संवैधानिक रुख है कि जनता का धन संसद की मंजूरी के बाद ही खर्च किया जा सकता है। इसलिए केवल संसद ही यह तय कर सकती है कि जनता का धन कैसे खर्च किया जा सकता है। कोई अन्य  संस्थान इस अधिकार का उपयोग नहीं कर सकता।’ वित्त मंत्री ने कहा कि यह तय करने का विशेष अधिकार संसद को है कि सरकारी पेंशन लेने का हकदार कौन है और कितनी पेंशन लेने का हकदार है। यह संवैधानिक रुख है जिसे प्रत्येक संस्थान को स्वीकार करना होगा। 
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विपक्षी सदस्यों ने सुप्रीम कोर्ट की इस कथित टिप्पणी का मुद्दा उठाया था कि 80 फीसदी पूर्व सांसद ‘करोड़पति’ हैं। जेटली ने कहा, ‘मैं सदस्यों की भावनाओं का सम्मान करता हूं और सरकार हमेशा इस रुख पर कायम रहेगी। मेरे विचार से अंतर-संस्थागत अनुशासन के तहत यह एक संवैधानिक रुख है जिसका सभी संस्थानों को सम्मान करना होगा।

इससे पहले सपा के नरेश अग्रवाल ने कहा कि सांसदों की छवि इस तरह की बन रही है मानों उनको काम किए बिना ही वेतन और पेंशन के तौर पर भारी भरकम धन राशि मिल रही है। उन्होंने कहा कि कुछ पूर्व सांसद तो अत्यंत दयनीय हालत में जीवन गुजार रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक पूर्व सांसद का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बेटे रंगरोगन करके गुजर-बसर कर रहे हैं। 

कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा कि समाचार पत्र में प्रकाशित उस सर्वे को पढ़ कर वह हतप्रभ रह गए जिसमें कहा गया है कि 80 फीसदी पूर्व सांसद करोड़पति हैं। उन्होंने कहा, ‘जब सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश ने कथित तौर पर कहा कि 80 फीसदी पूर्व सांसद करोड़पति हैं तो मैं समझता हूं कि यह एक गंभीर मुद्दा है।’ उप सभापति पीजे कुरियन ने उनसे कहा कि वह न्यायपालिका की आलोचना न करें और अदालतों में इसका समाधान तलाशे। रमेश ने कहा कि कार्यकाल खत्म हो जाने के बाद वर्तमान 80 फीसदी सांसद भी करोड़पति नहीं होंगे।


सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कथित तौर पर कहा था कि सांसदों को मिलने वाली पेंशन और अन्य सुविधाएं ‘प्रथम दृष्टया’ जायज नहीं लगतीं। साथ ही न्यायालय ने केंद्र सरकार और भारत के चुनाव आयोग से उस अपील पर जवाब मांगा जिसमें सांसदों को दी जाने वाली पेंशन और अन्य सुविधाएं रद्द करने की मांग की गई थी।
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