फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Nobel Prize 2017: Just one Invention Changed the Life

बस एक आविष्कार ने बदल दी जिंदगी

Thu, 05 Oct 2017 12:25 AM IST
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 05 Oct 2017 12:25 AM IST
विज्ञापन
Nobel Prize 2017: Just one Invention Changed the Life

आवश्यकता आविष्कार की जननी है। यह हम सुनते आ रहे हैं, लेकिन तीन वैज्ञानिकों ने इसे कर दिखाया है। ब्राजील में जीका वायरस नवजात बच्चों के मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाकर महामारी फैला रहा है। इस विकट स्थिति को देखकर शोधकर्ताओं ने वायरस को चित्रात्मक रूप देने की ठानी और क्रायो इलेक्ट्रान माइक्रोस्कोप बना डाला। इस माइक्रोस्कोप के बनने के आविष्कार के बाद शोधकर्ताओं अब बायो मालूक्यूल (जैविक अणु) का थ्री डी ढांचा बना सकते हैं।

विज्ञापन


इस खोज के लिए जॉक दुबोशे,जोयाखिम फ्रैंक और रिचर्ड हेंडरसन को रसायन विज्ञान का नोबल पुरस्कार दिया जाएगा। अपने आप में यह एक अनूठी खोज है। अब शोधकर्ता बायो मालीक्यूल को जमा सकते हैं और उसके जमने की प्रक्रिया को दृश्य स्वरुप में देख सकते हैं। अभी तक इस प्रक्रिया को देखने के लिए इस तरह की कोई भी सुविधा उपलब्ध नहीं थी। 
विज्ञापन


इस तरह से आने वाले समय में जीवन को समझना और रोगों के दवा विकसित करने की प्रक्रिया बहुत आसान होने जा रही है। वैज्ञानिक नई पद्धति से शोध के दौरान बायो माल्यूक्यूल पर रसायनों के असर को साफ देख सकेंगे। यह पद्धति बायोमाल्यूक्यूल को प्राकृतिक अवस्था में जमी हुई (ठंड) स्थिति में रखने में मदद करेगी। इससे कोशिका के ढांचे, विषाणुओं और प्रोटीन के सूक्ष्मतम ब्यौरे का आसानी से अध्ययन किया जा सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल बायो माल्यूक्यूल जीवों के संभरण और उपापचय प्रक्रिया में शामिल होता है। इस पद्धति में कोशिकाओं के हिस्से को देखने के लिए इलेक्ट्रान बीम इस्तेमाल की गई। ऐसा करना भी एक जटिल प्रक्रिया है। इस तरह से शोधकार्ताओं के पास बायो माल्यूक्यूल को जमा सकने और उसकी प्रक्रिया को देख पाने की सुविधा मिली है।


शोधकर्ता तीनों वैज्ञानिकों के इस कार्य को देखते हुए नोबल पुरस्कार समिति के चयनकर्ताओं ने उनका चयन किया है। तीनों वैज्ञानिकों (जॉक दुबोशे, जोयाखिम फ्रैंक और रिचर्ड हेंडरसन ) को रयान विज्ञान के क्षेत्र में विशिष्ट खोज के लिए विश्व का सबसे लब्ध प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार के साथ ईनाम राशि के तौर पर 11 लाख डॉलर की राशि प्रदान की जाएगी।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed