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भारत में आज से खत्म हुआ 'वीआईपी कल्चर', इतिहास बनीं लाल-नीली बत्ती की गाड़ियां
amarujala.com, Presented By: अजय कुमार सिंह
Updated Mon, 01 May 2017 09:32 AM IST
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पूरे देश में आज से लाल बत्ती और नीली बत्ती इतिहास बन जाएगा। क्योंकि आज से ही VVIP की गाड़ियों से लालबत्ती और अधिकारियों की गाड़ी से नीली बत्ती हटा दिए जाएंगे। राष्ट्रपति, पीएम ,सीएम हो या कोई भी मंत्री उनकी गाड़ियों से लालबत्ती हट जाएगी। गौरतलब है कि मोदी सरकार ने VVIP कल्चर को खत्म करते हुए लाल और नीली बत्ती के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने का फैसला लिया था जो 1 मई को यानि आज लागू हो गया।
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हालांकि, कुछ मंत्रियों ने तो जिस दिन फैसला लिया गया, उसी दिन से अपनी गाड़ियों से लालबत्ती हटा रहे हैं। जिनमें से अधिकांश बीजेपी के मंत्री शामिल हैं। केन्द्र सरकार के मंत्रियों से लेकर बीजेपी शासित राज्यों के मंत्रियों में अपनी सरकारी गाड़ियों से लाल बत्ती उतारने की होड़ लग गई। यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ ही कई मंत्रियों ने खुद अपनी कार से लाल बत्ती उसी दिन उतार दी। ज्यादातर मंत्रियों ने इसकी फोटो सोशल मीडिया पर भी डाली। मंत्रियों का कहना है कि मोदी सरकार का फैसला बड़े बदलाव की दिशा में उठाया गया कदम है। लोकतंत्र में असली वीआईपी जनता ही है।
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वहीं कुछ राज्यों में अधिकारियों ने विरोध भी किया। यूपी में नीली बत्ती हटाकर VVIP कल्चर को खत्म करने के सीएम योगी के आदेश के खिलाफ प्रदेश के पीसीएस अधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया। सूबे के पीसीएस अधिकारियों ने प्रदेश के सरकार के इस आदेश के खिलाफ पत्र लिखकर अपना कड़ा विरोध जताया। लालबत्ती का चस्का ही कुछ ऐसा था, जो सीधे सिर चढ़कर बोलता था। जो लाल बत्ती के लायक नहीं थे, उन्होंने भी इसके मजे लिए। ऐसे कई उदाहरण देखने को मिले हैं। कोई परिवार को लेकर घूमने निकला, तो लगा ली गाड़ी पर लाल बत्ती और दोस्तों के साथ घूमने गया, तो लगा ली लाल बत्ती। किसी को टोल बचना था, तो किसी को शादी में जाकर रोब झाड़ना था।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 'मन की बात' में लालबत्ती हटाने के फैसले पर जिक्र करते हुए कहा कि लाल बत्ती धीरे-धीरे दिमाग में घर कर जाती थी और उस व्यक्ति का खौफ बन जाता था। उन्होंने VIP की जगह EPI पर जोर दिया। पीएम मोदी ने ईपीआई का मतलब 'एवरी पर्सन इज इंपोर्टेंट' बताया।