भाजपा का नरम कोना, नीतीश ने निंदा करने लायक कुछ नहीं किया
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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आयकर विभाग के तलाशी अभियान के कारण बिहार में सत्तारूढ़ जदयू-राजद गठबंधन में आई खटास के बीच भाजपा ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए नरम कोना दिखाया है।
एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने नीतीश की बिना वजह आलोचना न करने की टिप्प्णी करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे उनकी निंदा की जाए। गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश समय समय पर एक दूसरे की तारीफ करते रहे हैं।
कार्यक्रम में जब शाह से पूछा गया कि बिहार में भाजपा का नीतीश के खिलाफ रुख नरम क्यों है तो उन्होंने कहा कि क्या नीतीश के खिलाफ कोई छापा पड़ा है। शाह ने कहा कि पार्टी नीतीश की बेवजह आलाचेना नहीं करेगी।
क्योंकि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे उनकी निंदा की जाय या उन पर सियासी हमला बोला जा सके। गौरतलब है कि राजद सुप्रीमो और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ पड़े छापों के बीच लालू प्रसाद ने भाजपा को नया गठबंधन साथी मुबारक संबंधी ट्वीट कर राजद-जदयू गठबंधन में खटास आने का संकेत दिया था। हालांकि बाद में सफाई दी गई कि लालू के गठबंधन के नए साथी का आशय सीबीआई, आयकर विभाग से था।
गौरतलब है कि अरसे तक राजग में शामिल रहे जदयू ने मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने के बाद गठबंधन से किनारा कर लिया था। हालांकि चुनाव नतीजे आने के बाद नीतीश ने नोट बंदी, पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक मामले में प्रधानमंत्री की तारीफ की। प्रधानमंत्री ने भी बिहार सरकार के शराबबंदी के फैसले को ले कर नीतीश की सार्वजनिक तारीफ की थी।
अभी नहीं हुई चेहरे पर चर्चा- शाह
इसी कार्यक्रम में शाह ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार संबंधी सवाल के जवाब में कहा कि भाजपा या राजग के स्तर पर अभी तक चेहरे के सवाल पर कोई बैठक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल राष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना भी जारी नहीं हुई है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या लालकृष्ण आडवाणी उम्मीदवार हो सकते हैं तो उन्होंने टिप्पणी करने से इंकार किया। हालांकि संघ प्रमुख मोहन भागवत को उम्मीदवार बनाए जाने की शिवसेना की सलाह पर उन्होंने कहा कि खुद संघ प्रमुख इसका जवाब दे चुकेहैं।
मोदी के उत्तराधिकार पर साधा मौन
कार्यक्रम में शाह से प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराधिकार पर भी सवाल पूछे गए। जब उनसे पूछा गया कि क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पीएम मोदी के उत्तराधिकारी हो सकते हैं? जवाब में शाह ने कहा कि वह इस सवाल पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।