{"_id":"592f5dcf4f1c1b7508bdb912","slug":"netaji-died-in-1945-plane-crash-says-centre-in-rti-reply","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सात दशक बाद सरकार ने खोला राज, विमान हादसे में हुई थी नेताजी की मौत","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सात दशक बाद सरकार ने खोला राज, विमान हादसे में हुई थी नेताजी की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, कोलकाता
Updated Thu, 01 Jun 2017 05:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सात दशक बाद नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के राज से केंद्र सरकार ने जाने-अनजाने में परदा हटा ही दिया। नेताजी की मौत वर्ष 1945 में ताइवान में हुए विमान हादसे में ही हुई थी।
सूचना के अधिकार के तहत दायर एक याचिका के जवाब में खुद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। इस खुलासे से नेताजी के परिजन बेहद नाराज हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप कर तथ्यों को सामने लाने का अनुरोध किया है।
साथ ही नेताजी की मौत से जुड़े रहस्य का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की है। नेताजी के समर्थकों के अलावा तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी इस खुलासे पर हैरत जताई है।
विज्ञापन
कोलकाता के एक संगठन ओपन प्लेटफार्म फॉर नेताजी के प्रवक्ता सायक सेन ने मार्च में उक्त याचिका दायर की थी। अब केंद्र ने उसका जवाब दिया है। गृह मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा है कि शाहनवाज कमेटी, न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग और न्यायमूर्ति मुखर्जी जांच आयोग की रिपोर्टों पर विचार के बाद सरकार इस नतीजे पर पहुंची है कि नेताजी की मौत वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में ही हो गई थी।
नेताजी के पड़पोते और बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष चंद्र बोस ने इसे एक गैर-जिम्मेदाराना रवैया करार दिया है। उन्होंने पूछा कि आखिर किसी ठोस सबूत के बिना सरकार ऐसे किसी नतीजे पर कैसे पहुंच गई? उन्होंने इसे बेहद आपत्तिजनक बताते हुए प्रधानमंत्री के समक्ष इस मुद्दे को उठाने की बात कही है।
बोस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक किया था। उन्होंने जांच पूरी कर नेताजी की मौत के रहस्य से परदा उठाने का भरोसा दिया था। नेताजी के परिजनों ने अगस्त में पश्चिम बंगाल और अक्टूबर में दिल्ली में रैली निकालने का फैसला किया है।
विज्ञापन
सूचना के अधिकार के तहत दायर एक याचिका के जवाब में खुद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। इस खुलासे से नेताजी के परिजन बेहद नाराज हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप कर तथ्यों को सामने लाने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन
साथ ही नेताजी की मौत से जुड़े रहस्य का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की है। नेताजी के समर्थकों के अलावा तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी इस खुलासे पर हैरत जताई है।
विज्ञापन
कोलकाता के एक संगठन ओपन प्लेटफार्म फॉर नेताजी के प्रवक्ता सायक सेन ने मार्च में उक्त याचिका दायर की थी। अब केंद्र ने उसका जवाब दिया है। गृह मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा है कि शाहनवाज कमेटी, न्यायमूर्ति जीडी खोसला आयोग और न्यायमूर्ति मुखर्जी जांच आयोग की रिपोर्टों पर विचार के बाद सरकार इस नतीजे पर पहुंची है कि नेताजी की मौत वर्ष 1945 में हुए विमान हादसे में ही हो गई थी।
नेताजी के पड़पोते और बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष चंद्र बोस ने इसे एक गैर-जिम्मेदाराना रवैया करार दिया है। उन्होंने पूछा कि आखिर किसी ठोस सबूत के बिना सरकार ऐसे किसी नतीजे पर कैसे पहुंच गई? उन्होंने इसे बेहद आपत्तिजनक बताते हुए प्रधानमंत्री के समक्ष इस मुद्दे को उठाने की बात कही है।
बोस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नेताजी से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक किया था। उन्होंने जांच पूरी कर नेताजी की मौत के रहस्य से परदा उठाने का भरोसा दिया था। नेताजी के परिजनों ने अगस्त में पश्चिम बंगाल और अक्टूबर में दिल्ली में रैली निकालने का फैसला किया है।
...ऐसे ही किसी नतीजे पर कैसे पहुंची सरकार
चंद्र बोस के मुताबिक, सरकार ऐसे ही किसी नतीजे पर कैसे पहुंच सकती है। नेताजी से संबंधित फाइलों की अभी पूरी जांच नहीं हुई है। इस बारे में दूसरी समितियों और आयोगों की रिपोर्ट साफ नहीं होने की वजह से ही मुखर्जी आयोग का गठन किया गया था।
मुखर्जी आयोग ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा था कि नेताजी की मौत विमान हादसे में नहीं हुई थी और वह चीन या रूस चले गए थे। कांग्रेस ने राजनीतिक वजहों से इस रिपोर्ट को नकार दिया था।
...केंद्र के जवाब से याचिकाकर्ता भी हैरान
याचिकाकर्ता सायक सेन के मुताबिक, वह केंद्र के जवाब से सदमे में हैं। अगर सरकार पहले ही इस नतीजे पर पहुंच गई थी तो नेताजी की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए उनसे संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया क्यों शुरू की गई थी ? विमान हादसे में नेताजी की मौत का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। इसलिए तमाम लोग सच सामने लाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
मुखर्जी आयोग ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा था कि नेताजी की मौत विमान हादसे में नहीं हुई थी और वह चीन या रूस चले गए थे। कांग्रेस ने राजनीतिक वजहों से इस रिपोर्ट को नकार दिया था।
...केंद्र के जवाब से याचिकाकर्ता भी हैरान
याचिकाकर्ता सायक सेन के मुताबिक, वह केंद्र के जवाब से सदमे में हैं। अगर सरकार पहले ही इस नतीजे पर पहुंच गई थी तो नेताजी की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए उनसे संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया क्यों शुरू की गई थी ? विमान हादसे में नेताजी की मौत का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। इसलिए तमाम लोग सच सामने लाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।