{"_id":"58d19e5c4f1c1b8a591a151c","slug":"narda-case-to-be-probed-by-cbi","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट का ममता को झटका, नारदा केस की होगी सीबीआई जांच","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट का ममता को झटका, नारदा केस की होगी सीबीआई जांच
amar ujala.com-Presented by: संदीप भट्ट
Updated Wed, 22 Mar 2017 03:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तृणमूल कांग्रेस को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का वह आदेश बरकरार रखा जिसमें सीबीआई से नारद स्टिंग मामले की जांच करने को कहा गया था। इस मामले में पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के कई नेता कथित तौर पर पैसे लेते हुए कैमरे में कैद किए गए थे।
विज्ञापन
ममता बनर्जी की अगुवाई वाली राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट के 17 मार्च के आदेश के खिलाफ दायर एक अलग अपील में बताए गए आधारों को सुप्रीम कोर्ट ने ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए कहा कि याचिका ‘सिरे से खारिज’ करने लायक है।
विज्ञापन
चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट के निष्कर्षों में उसे कोई विसंगति नजर नहीं आती। बहरहाल, पीठ ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सीबीआई को दिए गए 72 घंटे की मोहलत को बढ़ाकर एक महीना कर दिया।
विज्ञापन
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस संजय किशन कौल की सदस्यता वाली पीठ ने कहा, ‘हमने आदेश का अध्ययन किया, जिसमें यह उभरकर सामने आया कि हाईकोर्ट ने ऐसी सामग्रियों पर विचार किया जिनमें सीबीआई की ओर से प्रारंभिक जांच (पीई) करने की जरूरत थी।’ पीठ ने कहा, ‘हमें हाईकोर्ट के निष्कर्षों में कोई विसंगति नजर नहीं आती, क्योंकि याचिकाकर्ताओं के अधिकार पूरी तरह संरक्षित हैं।’
पीठ ने कहा कि यदि मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सीबीआई को और वक्त चाहिए तो वह उचित आवेदन के साथ हाईकोर्ट का रुख कर सकती है। न्यायालय ने राज्य सरकार की अपील को तब ‘वापस’ लेने की इजाजत दी जब उसके वकील ने ऐसे आधार बताने के लिए ‘बिना शर्त माफी’ मांगी, जिनसे हाईकोर्ट पर कथित तौर पर लांछन लगते हों।