{"_id":"595c017c4f1c1bb4068b46db","slug":"modi-s-greeting-to-netanyahu-s-brother","type":"story","status":"publish","title_hn":"इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के भाई के बलिदान को पीएम मोदी का सलाम ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के भाई के बलिदान को पीएम मोदी का सलाम
एजेंसी, तेल अवीव
Updated Wed, 05 Jul 2017 02:28 AM IST
विज्ञापन
PM modi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के बड़े भाई के 41 साल पहले बलिदान को भी याद किया। नेतन्याहू के बड़े भाई योनातन आज से ठीक 41 साल पहले 4 जुलाई को ही युगांडा में इस्राइली बंधकों की जिंदगी बचाने में मारे गए थे।
विज्ञापन
बेन गुरियन एयरपोर्ट पर अपने संक्षिप्त संबोधन में मोदी ने कहा, ‘आज 4 जुलाई है। ठीक 41 साल पहले ऑपरेशन एंटेबी के दौरान आपके प्रधानमंत्री और मेरे दोस्त बिबी ने कई सारे इस्राइली बंधकों की जान बचाने का प्रयास कर रहे अपने बड़े भाई योनातन को खो दिया था।’ मोदी जब इस घटना का जिक्र कर रहे थो तो नेतन्याहू उन्हें बड़े गौर से सुन रहे थे।
विज्ञापन
लेफ्टिनेंट कर्नल योनातन (योनी) नेतन्याहू ने ऑपरेशन एंटेबी के दौरान इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) की शीर्ष कमांडो यूनिट सायरेत मतकल का नेतृत्व किया था। युगांडा के एंटेबी एयरपोर्ट पर यह ऑपरेशन 1976 में बंधकों की रिहाई के लिए चलाया गया था। तेल अवीव से पेरिस की ओर जा रहे एयर फ्रांस के विमान का अपहरण कर लिया गया था और इसे एंटेबी एयरपोर्ट पर ले जाया गया था।
विज्ञापन
योनी के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन के तहत सभी सात अपहर्ता मारे गए थे। हालांकि तीन बंधक भी मारे गए थे। ऑपरेशन सफल रहा जिसमें 106 में से 102 बंधकों को बचा लिया गया। लेकिन इसमें मारे गए एकमात्र इस्राइली सैनिक योनी ही थे। उनके सम्मान में इस ऑपरेशन को बाद में ऑपरेशन योनातन नाम दिया गया।
मोदी ने इस दौरान नेतन्याहू से कहा कि आपके नायक युवा पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी हैं। प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी सायरेत मतकल के सदस्य थे।