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ED का बड़ा खुलासा, नोटबंदी के बाद मायावती समेत कई नेताओं ने ठिकाने लगाए करोड़ों

Fri, 10 Nov 2017 02:59 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 10 Nov 2017 02:59 PM IST
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Mayawati and Misa Bharti Illegal Transactions After Demonetisation Announced says ED dossier 

पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के एलान के बाद काले धन को सफेद करने के गोरखधंधे के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चल रही सघन मुहीम में दर्जनों राजनीतिज्ञों और अफसरशाहों के नाम उजागर हुए हैं। 

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पिछले साल दिसंबर से शुरु हुई इस मुहीम में इस गोरखधंधे के विदेशों तक फैले गहरे गैरकानूनी तंत्र का पर्दाफाश हुआ है। ईडी के डोजियर में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमों मायावती, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सांसद मीसा यादव, खनन उद्यमी और तमिलनाडु की राजनीति में गहरी पैठ रखने वाले शेखर रेड्डी समेत दर्जनों नेताओं के पैसे के संदिग्ध लेन-देन का ब्यौरा है। इन नेताओं के साथ दो दर्जन से अधिक अफसरशाह और निजी व्यक्तियों के खिलाफ जांच तेजी से चल रही है।
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ईडी डोजियर के मुताबिक काले धन को सफेद करने के 4000 ठोस मामले सामने आए हैं। ईडी ने नवंबर 2016 से सितंबर 2017 के बीच इन सभी मामलों में फेमा और पीएमएलए के तहत केस दर्ज किया है। 

ईडी के मुताबिक एजेंसी को अबतक 11000 करोड़ रुपए के हेरफेर का सुबूत मिला है। इस मुहीम में ईडी ने अबतक 800 रेड की हैं जिनमें देश और विदेशों के मनी ट्रांस्फर चैनल के सुराग मिले हैं। ईडी ने इस सिलसिले में अबतक 54 लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि करीब 600 कंपनियों से उनके धंधे का ब्यौरा मांगा गया है।

सरकार की विभिन्न एजेंसियां काले धन के खिलाफ कर रही काम

Mayawati and Misa Bharti Illegal Transactions After Demonetisation Announced says ED dossier 

ईडी के उच्चपदस्थ सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि इस गोरखधंधे में संयुक्त अरब अमीरात, दुबई, मलेशिया और हांगकांग जैसे कई देशों के मनी चैनल का इस्तेमाल किया गया है। 

ईडी ने अन्य सरकारी एजेंसियों की मदद से इन देशों को धन की आवाजाही की जानकारी देने के लिए अनुरोध पत्र (लेटर रोगेटरी) भेजा है। डोजियर के मुताबिक नोटबंदी के तुरंत बाद काले धन के सफेद करने का बड़ा तंत्र सक्रिय हो गया। स्टॉक मार्केट, खनन व्यापार, शेल कंपनी और सहकारी संस्थानों का जम कर इस्तेमाल किया गया। 

सूत्रों के मुताबिक इसमें बैंकिंग चैनल का भी इस्तेमाल हुआ है जिसकी जांच चल रही है। साथ ही नोटबंदी के बाद विदेशी मुद्रा विनिमय की पड़ताल भी की जा रही है।

सूत्रों ने बताया कि डोजियर में आए जितने नाम हैं सबको अदालत में अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका मिलेगा। ईडी मौजूद सुबूतों के आधार पर अपना पक्ष मजबूत कर रही है। केंद्र सरकार के काले धन के खिलाफ इसे बड़ी मुहीम माना जा रहा है।

पढ़ें- पैराडाइज पेपर्स मामले में केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, CBDT को सौंपा जांच का जिम्मा

उधर सीबीआई ने भी नोटबंदी के बाद काले धन की हेराफेरी के मामले में अबतक 77 एफआईआर दर्ज की है। इनमें 180 सरकारी कर्मचारियों समेत 307 लोगों के खिलाफ जांच चल रही है। ईडी सीबीआई के इन केसों से जुड़े फेरा और फेमा संबंधी अपराधों की अलग से जांच करेगा।

ईडी की इस कार्रवाई पर गृहराज्य मंत्री किरेन रिजीजू का बयान
यही वजह है कि विपक्षी दलों ने नोटबंदी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। उन्हें मालूम है कि सरकार की विभिन्न एजेंसियां काले धन के खिलाफ काम कर रही है। इसलिए विपक्ष का शोर मचाना स्वभाविक है। उन्हे मालूम है कि आज नहीं तो कल सच सामने आ जाएगा।

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