{"_id":"57bc213a4f1c1b774cd4f954","slug":"let-us-skip-pakistani-airspace-airlines-request-centre","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तानी आसमान में उड़ान भरने से डरीं भारतीय एयरलाइन","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पाकिस्तानी आसमान में उड़ान भरने से डरीं भारतीय एयरलाइन
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 23 Aug 2016 07:05 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
भारतीय एयरलाइन कंपनियां सरकार से खाड़ी देशों के लिए पश्चिमी भारत से होते हुए अरब सागर के ऊपर से उड़ान भरने की अनुमति चाह रही है। दरअसल, भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते पैदा हुए हालात के बीच असुरक्षा की वजह से कंपनियों ने मुख्य तौर पर अहमदाबाद के ऊपर से उड़ानों की इजाजत मांगी है, ऐसे में कंपनियों को पाकिस्तानी आसमान का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। असुरक्षा के साथ-साथ इस मांग के पीछे आर्थिक कारक भी हैं।
एयर इंडिया, जेट एयरवेज, इंडिगो और स्पाइस जेट पाकिस्तान के ऊपर से खाड़ी देशों के लिए विमान सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस आशय की खबर प्रकाशित की है। एक एयरलाइन अधिकारी ने कहा, 'बीते कुछ दिनों में भारत ने पाकिस्तान के कुछ नॉन शेड्यूल एयरक्राफ्ट को लौटने को कहा था, ऐसे में पाकिस्तान भी ऐसे कदम उठा सकता है। भारतीय एयरलाइन कंपनियों की मांग के पीछे इस डर के साथ ही कीमतों का फैक्टर भी है।'
विज्ञापन
एयर इंडिया, जेट एयरवेज, इंडिगो और स्पाइस जेट पाकिस्तान के ऊपर से खाड़ी देशों के लिए विमान सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने इस आशय की खबर प्रकाशित की है। एक एयरलाइन अधिकारी ने कहा, 'बीते कुछ दिनों में भारत ने पाकिस्तान के कुछ नॉन शेड्यूल एयरक्राफ्ट को लौटने को कहा था, ऐसे में पाकिस्तान भी ऐसे कदम उठा सकता है। भारतीय एयरलाइन कंपनियों की मांग के पीछे इस डर के साथ ही कीमतों का फैक्टर भी है।'
विज्ञापन
Trending Videos
एक लाख रुपये बचा लेगी बजट एयरलाइन कंपनी
स्पाइस जेट ने 'फ्लेक्सी यूज ऑफ एयरस्पेस' के तहत खाड़ी के देशों के लिए सीधी पहुंच की मांग की है। फ्लेक्सी यूज ऑफ एयरस्पेस के तहत कमर्शियल एयरक्राफ्ट्स को नेवी और एयरफोर्स के लिए आरक्षित रूट पर उड़ान भरने की अनुमति दी जाती है।
कंपनी ने डिफेंस और सिविल एविएशन को भेजे अपने प्रजेंटेशन में कहा है कि ऐसा होने पर एयरलाइन कंपनियों का ईंधन और रूट नेविगेशन फ्लाइट चार्ज (आरएनएफसी) बचेगा। साथ ही हमारी कंपनियां ज्यादा आरएनएफसी पैदा कर सकती है। इससे कॉबन का उत्सर्जन भी कम होगा, जोकि वैश्विक पर्यावरण संरक्षण का हिस्सा है। एक बजट एयरलाइन कंपनी अहमदाबाद से दुबई की सीधी फ्लाइट में एक लाख रुपये तक बचा सकती है।
हालांकि रक्षा अधिकारियों ने अभी तक सीधी उड़ानों को लेकर अनुमति नहीं दी है, क्योंकि इसमें कुछ संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल है। एविएशन मिनिस्ट्री के एक सूत्र के मुताबिक एयरलाइन कंपनियों की ओर से फ्लेक्सी यूज ऑफ एयरस्पेस के तहत सीधी उड़ानों के लिए बहुत रिक्वेस्ट आ रही है, हालांकि इस पर बहुत काम किया जाना बाकी है।
कंपनी ने डिफेंस और सिविल एविएशन को भेजे अपने प्रजेंटेशन में कहा है कि ऐसा होने पर एयरलाइन कंपनियों का ईंधन और रूट नेविगेशन फ्लाइट चार्ज (आरएनएफसी) बचेगा। साथ ही हमारी कंपनियां ज्यादा आरएनएफसी पैदा कर सकती है। इससे कॉबन का उत्सर्जन भी कम होगा, जोकि वैश्विक पर्यावरण संरक्षण का हिस्सा है। एक बजट एयरलाइन कंपनी अहमदाबाद से दुबई की सीधी फ्लाइट में एक लाख रुपये तक बचा सकती है।
हालांकि रक्षा अधिकारियों ने अभी तक सीधी उड़ानों को लेकर अनुमति नहीं दी है, क्योंकि इसमें कुछ संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल है। एविएशन मिनिस्ट्री के एक सूत्र के मुताबिक एयरलाइन कंपनियों की ओर से फ्लेक्सी यूज ऑफ एयरस्पेस के तहत सीधी उड़ानों के लिए बहुत रिक्वेस्ट आ रही है, हालांकि इस पर बहुत काम किया जाना बाकी है।