फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Lalu's family trapped due to Nitish kumar, these are key points

क्या नीतीश की वजह से फंसा लालू का परिवार, ये है बड़ी वजह?

Thu, 22 Jun 2017 01:00 PM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Thu, 22 Jun 2017 01:00 PM IST
विज्ञापन
Lalu's family trapped due to Nitish kumar, these are key points
- फोटो : social media

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार पिछले कुछ दिनों से लगातार मुसीबतों के घेरे में है, मामला बना है बेनामी संपति का। जिसके चलते लालू और उनका परिवार लगातार आयकर ‌विभाग के निशाने पर है। पहले लालू यादव के खिलाफ आयकर विभाग ने कार्रवाई की और दिल्‍ली सहित एनसीआर और पटना के 22 ठिकानों पर छापे मारे। 

विज्ञापन


इसके कुछ दिन बाद ही लालू की बेटी मीसा भारती इनकम टैक्स के निशाने पर आ गई और उनके खिलाफ दिल्‍ली के फार्महाउस सहित कई जगह बेनामी संपत्ति इकट्ठा करने के आरोप लगे, मामले में एक दिन पहले ही आयकर विभाग ने उनकी एक दर्जन संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया जिसकी कीमत 175 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। 
विज्ञापन


ज्यादा दिन नहीं हुए जब बीपीसीएल ने लालू के बेटे का पटना स्थित पेट्रोल पंप सील कर दिया था। सवाल ये है कि आखिर अचानक आयकर विभाग लालू यादव के खिलाफ इतना आक्रामक क्यों हुआ, जो ढूंढ ढूंढकर लालू और उनके परिवार के बाकी सदस्यों का पूरा बही खाता निकाला जा रहा है? 

विज्ञापन
विज्ञापन

नीतीश की चुनौती के बाद बिगड़े लालू के ग्रह

Lalu's family trapped due to Nitish kumar, these are key points

यूं तो इस सवाल का सीधा जवाब ये है कि बिहार के भाजपा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी लगातार लालू यादव के परिवार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। उनके लगाए तमाम आरोपों के बाद ही अब आयकर विभाग और अन्य एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं। 

लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में बिहार के मुख्यमंत्री और सरकार में लालू के साझीदार नीतीश कुमार की भी बड़ी भूमिका है। वो नीतीश कुमार ही थे जिन्होंने केंद्र सरकार के बेनामी संपत्ति कानून को सख्ती से लागू करने की चुनौती दी थी। 

इसे जरा विस्तार से समझने के लिए थोड़ा पीछे जाने की जरूरत है। केंद्र सरकार ने पिछले साल ही बेनामी संपति कानून को लागू किया था। इसके कुछ दिन बाद ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी का फैसला लागू करने की घोषणा कर दी। 

अन्य विपक्षी दलों के उलट नीतीश ने इस फैसले की तारीफ की, लेकिन साथ ही ये चुनौती भी दे डाली कि मात्र इतने से कुछ नहीं होगा भ्रष्टाचार रोकने के लिए बेनामी संपत्ति कानून को भी सख्ती से लागू करना चाहिए। 

इसके कुछ दिन बाद ही पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने लालू और उनके परिवार के खिलाफ अरबों की बेनामी संपत्ति इकट्ठा करने के आरोपों की झड़ी लगा दी। मोदी के अनुसार लालू के बेटे तेजस्वी यादव पटना में सैकडों करोड़ रुपये में अवैध मॉल तैयार करा रहे हैं, मोदी ने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पर भी अवैध तरीके से कई प्लाट खरीदने और मिट्टी घोटाले के आरोप लगाए। 

सुशील ने नीतीश कुमार पर भी इस मामले में चुप्पी साधने के  आरोप लगाए। इसी बीच एक पटना में हुए लोक संवाद कार्यक्रम में नीतीश ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ी और कहा की जिसके पास सुबूत हैं वो उचित जगह शिकायत करे मीडिया में बयान देने का क्या फायदा? लगे हाथ नीतीश ने सुशील मोदी को चुनौती भी दे डाली कि अगर उनके पास तथ्य हैं तो वो कानून का सहारा लें। 

लालू और उनके परिवार के खिलाफ आयकर विभाग ने की बड़ी कार्रवाई

Lalu's family trapped due to Nitish kumar, these are key points

जानकारों की मानें तो नीतीश की इसी चुनौती ने लालू के खिलाफ कार्रवाई की राह तैयार कर दी। इसके कुछ दिन बाद ही आयकर विभाग ने लालू और उनकेपरिवार के खिलाफ कार्रवाई की पटकथा तैयार कर दी। शुरूआत हुई लालू की बेटी मीसा भारती और उनके पति के दिल्‍ली के बीजवासन स्थित फार्म हाउस से।

जिसे मीसा और उनके पति शैलेश ने किन्हीं जैन बंधुओं से खरीदा था। इसके अलावा भी मीसा पर दिल्‍ली के पॉश इलाकों में कई संपत्तियां अवैध तरीके से खरीदने का आरोप लगा। यहां से आयकर विभाग ने आगे की लकीर तय कर दी और बीते 16 मई को लालू के दिल्‍ली एनसीआर सहित 22 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। 

हालांकि इस कार्रवाई का ब्यौरा तो आज तक नहीं दिया गया लेकिन लालू के खिलाफ केंद्र और आयकर विभाग का यह बड़ा प्रहार था। खास बात ये है की इस मुद्दे पर नीतीश कुमार ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी, जबकि उनकी सरकार में शामिल लालू के बेटे तेजस्‍वी यादव और राजद सुप्रीमो लालू यादव ने जमकर भड़ास निकाली। 

नीतीश की यह चुप्पी लालू और उनके परिवार को अखरी भी लेकिन विपक्षी भाजपा के लिए तो ये एकतरह से मूक सहमति ही थी। सुशील मोदी ने तो इस मुद्दे पर यह बयान भी दे डाला कि नीतीश की मांग पर ही लालू परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। 

इसी बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के एक बयान ने और आग में घी डालने का काम कर दिया। नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार के अनुसार लालू और उनके परिवार के खिलाफ सुबूत नीतीश कुमार के नजदीकियों की ओर से ही उपलब्‍ध करवाए जा रहे हैं। 

प्रेम कुमार ने दावा किया की वो तो सरकार में हैं नहीं इसलिए इस तरह के कागजात इकट्ठा करना उनके लिए मुश्किल है, इसलिए ये सारी सामग्री नीतीश के सहयोगियों की ओर से ही उपलब्‍ध करवाई जा रही है। 

हालांकि इन आरोपों में कितनी सच्चाई रही इसका अंदाजा लगाना तो मुश्किल है लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता की लालू और उनके परिवार पर मुसीबत बेनामी संपत्ति कानून पर नीतीश कुमार की केंद्र को दी गई चुनौती के बाद ही आई। खास बात ये है कि नीतीश की चुप्पी अब भी बरकरार है?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed