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अगर एक हो गया विपक्ष तो भाजपा का नहीं होगा अगला राष्ट्रपति

Fri, 21 Apr 2017 05:29 PM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम Updated Fri, 21 Apr 2017 05:29 PM IST
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know how joint Opposition candidate will defeat bjp president candidate

आगामी 25 जुलाई को देश के पास एक नया राष्ट्रपति होगा। राष्ट्रपति चुनाव के लिए चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे बड़े राज्य में भारतीय जनता पार्टी को मिले जनाधार के बाद विपक्ष ने राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के लिए मोर्चा बनाना शुरू कर दिया है।

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इसी मामले को लेकर हाल ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है। बिहार के मुख्यमंत्री और सीपीआई-एम के महासचिव सीताराम येचुरी इस मामले पर सोनिया से पहले ही चर्चा कर चुके हैं।
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हालांकि इस बात का खुलासा नहीं हुआ है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इन चर्चाओं में शामिल हैं या नहीं। ऐसे में लगातार होती इन मुलाकातों से उन कयासों पर मुहर लगती हुई दिखाई दे रही है कि मोदी- शाह की राष्ट्रपति चुनाव की गणित बिगाड़ने के लिए विपक्ष साझा रूप से एक प्रत्याशी खड़ा करने की कोशिशों में जुटा हुआ है।
यह भी पढ़ें: राष्ट्रपति चुनाव: विपक्षी दल हरकत में, कांग्रेस से पहल करने को कहा

जानिए महागठबंधन के लिए किसने क्या कहा?

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सीपीएम पोलितब्यूरो पहले ही कह चुका है कि अगर विपक्ष राष्ट्रपति चुनाव को दौरान कोई साझा प्रत्याशी उतारता है तो वो उसी को वोट करेगा। वहीं दूसरी ओर सीपीआई के नेता डी राजा भी कह चुके हैं कि पार्टी साझा प्रत्याशी को ही वोट करेगी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी इस मामले में मुलाकात की है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी राष्ट्रपति चुनाव के लिए साझा उम्मीदवार खड़ा करने के पक्ष में ही हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा है कि या तो एकसाथ आओ या विनाश की ओर जाए। अगर राष्ट्रपति चुनावों के लिए विपक्ष साथ आता है तो 2019 के आम चुनावों में भी विपक्ष द्वारा बिहार की तर्ज पर महागठबंधन का रास्ता अख्तियार करने की पूरी उम्मीद दिखाई दे रही है।

किन नामों की है चर्चा

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जल्द ही विपक्षी दल राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बैठकें शुरू कर सकते हैं। ऐसे में कुछ ऐसे नाम हैं जिनकी विपक्ष के राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार के तौर पर चर्चा हो रही है। इन नामों की रेस में एनसीपी के मुखिया शरद पवार, जेडीयू के नेता शरद यादव, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार के नाम शामिल है।

कुछ आवाजें उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के पक्ष में है।  वहीं मौजूदा राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के नाम भी दौड़ से बाहर नहीं है। मुखर्जी को पिछले राष्ट्रपति चुनावों में बीजेपी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के मुकाबले 7,13,763 वोट मिले थे वहीं संगमा को 315987 वोट मिले।

विपक्षी दलों के पास कुल 10.99 लाख मतों में से 52.5 प्रतिशत वोट हैं। वहीं पिछले दो राष्ट्रपति चुनावों से शिवसेना ने बीजेपी के प्रत्याशी को वोट नहीं किया है। ऐसे में शिवसेना का 2.5 प्रतिशत वोट भी चला जाता है तो एनडीए के पास सिर्फ 45 प्रतिशत वोट राष्ट्रपति चुनावों के लिए बचेगा। ऐसे में विपक्ष चाहता है कि वो मिलकर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को मात दे दें।

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