जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप झेल रहे केरल के मंत्री थॉमस चांडी ने दिया इस्तीफा
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भूमि अधिग्रहण का आरोप झेल रहे केरल के परिवहन मंत्री थॉमस चांडी को आखिरकार इस्तीफा देना पड़ा। परिवहन मंत्री थॉमस चांडी पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का केस मामला तूल पकड़ने के बाद केरल हाईकोर्ट पहुंच चुका था। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता थॉमस ने अपना इस्तीफा पार्टी के राज्य अध्यक्ष टी.पी पीथाम्बरन मास्टर को सौंपा, बाद में उन्होंने उनका इस्तीफा मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को सौंप दिया।
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चांडी तीसरे मंत्री हैं जिन्होंने इस्तीफा दिया है। इससे पहले सीपीआई(एम) के नेता जयराजन ने इंडस्ट्री मिनिस्टर ने नेपोटिज्म का आरोप लगने के बाद इस्तीफा सौंपा था। जबकि ए के शशीधरन पर महिला पत्रकार के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद इस्तीफा देना पड़ा था।
Kerala Transport Minster Thomas Chandy submits resignation after facing land encroachment allegations pic.twitter.com/51453emdRk
— ANI (@ANI) November 15, 2017
केरल सरकार पर उनके खिलाफ एक्शन ना लेने के आरोप लगे थे
चांडी की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर यह कब्जा मंत्री की जगह किसी आम आदमी ने किया होता तो भी क्या सरकार का रवैया ऐसा ही होता? केरल सरकार पर उनके खिलाफ एक्शन ना लेने के आरोप लगा था।
दरअसल थॉमस चांडी पर केरल में सरकारी जमीन पर मौजूद पूननामदा झील के एक हिस्से पर गैर कानूनी तरीके से कब्जा करने का आरोप लगा है। राजस्व विभाग द्वारा इससे जुड़ी एक रिपोर्ट जारी करने के बाद एक शख्स ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
क्या है आरोप?
चांडी पर आरोप है कि उन्होंने धान की खेती की जमीन को भरकर अपने रिसॉर्ट तक एक किलोमीटर का रास्ता बनाया है। यह सड़क सात मीटर चौड़ी है जबकि नियमों के मुताबिक धान के खेत पर बनने वाली सड़क की चौड़ाई चार मीटर होनी चाहिए। साथ ही खेत के पानी के बहाव की दिशा बदलने और रिसॉर्ट के गेट के सामने पार्किंग बनाने का भी आरोप है।