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पहली बार एक साथ ज्वाइंट ट्रेनिंग करेंगी भारत की तीनों सेनाएं
amarujala.com- presented by: विकास कुमार
Updated Wed, 15 Nov 2017 09:56 AM IST
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ज्वाइंट ट्रेनिंग सिद्धांत पत्र
- फोटो : ANI
इस साल के अंत तक देश की तीनों सेना युद्धाभ्यास करते हुए दिखाई दे सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो रक्षा क्षेत्र में पहली बार ऐसा होगा जब तीनों सेनाएं एक साथ मिलकर ज्वाइंट ट्रेनिंग करेंगी।
मंगलवार को 51 पन्नों का जॉइंट ट्रेनिंग का सिद्धांत पत्र जारी किया गया। इसमें तीनों सेना प्रमुखों की कमेटी के चेयरमैन, नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा, एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ और जनरल बिपिन रावत तीनों पक्षों को शामिल किया गया।
एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि जिस दिन युद्ध होगा तो तीनों सेनाओं को मोर्चा संभालना पड़ेगा, इसलिए जरूरी है कि तीनों सेनाओं में आपसी तालमेल होना चाहिए।
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ये भी पढ़ेंः सेना प्रमुख बोले-भारत में जो भी आतंकी आएगा मारा जाएगा, चीन को भी दी कड़ी चेतावनी
बता दें कि इससे पहले अप्रैल में तीनों सेनाओं का संयुक्त सिद्धांत पत्र जारी किया गया था। जिसमें इस बात की जानकारी देते हुए बताया गया था कि इसका मकसद तीनों सेनाओं में तालमेल और साथ मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ाना है।
रक्षा जानकार मान रहे हैं कि यह सिद्धांत पत्र आने वाले वक्त में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बैठाने में बेहद मददगार साबित होगा।
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मंगलवार को 51 पन्नों का जॉइंट ट्रेनिंग का सिद्धांत पत्र जारी किया गया। इसमें तीनों सेना प्रमुखों की कमेटी के चेयरमैन, नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा, एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ और जनरल बिपिन रावत तीनों पक्षों को शामिल किया गया।
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एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि जिस दिन युद्ध होगा तो तीनों सेनाओं को मोर्चा संभालना पड़ेगा, इसलिए जरूरी है कि तीनों सेनाओं में आपसी तालमेल होना चाहिए।
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बता दें कि इससे पहले अप्रैल में तीनों सेनाओं का संयुक्त सिद्धांत पत्र जारी किया गया था। जिसमें इस बात की जानकारी देते हुए बताया गया था कि इसका मकसद तीनों सेनाओं में तालमेल और साथ मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ाना है।
रक्षा जानकार मान रहे हैं कि यह सिद्धांत पत्र आने वाले वक्त में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बैठाने में बेहद मददगार साबित होगा।