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भारत की रणनीति हुई कामयाब, 19 मई से पहले जाधव को फांसी नहीं दे सकता पाक

Wed, 10 May 2017 05:58 PM IST
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर Updated Wed, 10 May 2017 05:58 PM IST
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India's swift ICJ move on Kulbhushan Jadhav takes Pakistan by surprise
कुलभूषण जाधव, पाकिस्तान
15 मई को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में कुलभूषण जाधव के मामले सुनवाई होगी। इस केस में भारत की ओर से कुलभूषण जाधव की पैरवी हरीश साल्वे करेंगे। भारत और पाकिस्तान, दोनों ही इस मामले पर अपनी दलीलें इंटरनैशनल कोर्ट के सामने रखेंगे। 
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इस केस में भारत की तत्तपरता ने पाकिस्तान को सरप्राइज कर दिया। पाकिस्तान 19 मई से पहले जाधव को फांसी नहीं दे सकता। मौत की सजा को वापस लिया नहीं जा सकता। भारत द्वारा उठाया गया कदम और अंतरराष्ट्रीय अदालत द्वारा जारी फैसले ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है। अंतरराष्ट्रीय न्यायलय का फैसला भारत की थोड़ा वक्त ही दे सकता है।
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भारत की प्राथमिकता थी की जाधव की फांसी पर रोक लगे। इसके लिए भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून में एक छोटे से लूपहोल का फायदा उठाया। 1960 में कोर्ट के नियमों पर हस्ताक्षर करने वाले भारत और पाकिस्तान राष्ट्रीयमंडल देश होने के कारण एक-दूसरे पर मुकदमा नहीं चला सकते। यही वजह है कि भारत ने कारगिल के दौरान सौरभ कालिया की हत्या के लिए पाक पर मुकदमा नहीं किया।
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इस समझौते का हुआ भारत को फायदा

India's swift ICJ move on Kulbhushan Jadhav takes Pakistan by surprise
नई दिल्ली कुलभूषण जाधव को सजा-ए-मौत - फोटो : self
मगर इस बार भारत ने वियेना कंवेन्शन का फायदा उठाया है। इसके तहत ही वो 'आर्टिकल 1 के कंसुलर रिलेशन ऑप्शन प्रोटोकॉल' के दायरे में आए, जिसके लिए विवादों का निपटारा जरूरी है। भारत ने जाधव के मामले में इसी प्रावधान का इस्तेमाल किया। 

भारत ने अदालत से मांग की है कि वह पाकिस्तान द्वारा फांसी देने के फैसले को इंटरनैशनल कानून का उल्लंघन घोषित करे। भारत ने अंतरराष्ट्रीय अदालत में कहा कि कुलभूषण को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया और ना ही उन्हें भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों से मिलने की इजाजत दी गई और न ही उसकी गिरफ्तारी पर पाक ने भारत को कोई सूचना दी। भारत ने कहा था कि रिटायर्ड अफसर ईरान में बिजनेस के काम से गया था, जहां से उसे अगवा कर लिया गया।

भारत ने कहा है कि 23 जनवरी 2017 को पाकिस्तान ने भारत से कुलभूषण जाधव से पूछताछ में मदद मांगी। यह मदद कुलभूषण पर पाकिस्तान में जासूसी और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए मांगी गई। वहीं, 21 मार्च 2017 को भारत को बेहद अनौपचारिक तरीके से सूचित किया गया कि जाधव को राजनयिक मदद पाक द्वारा जांच में मदद मांगने पर भारत की प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है। भारत का दावा है पाक ने वियेना कंवेन्शन का उल्लंघन किया है।
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