छापेमारी में मिले रक्षा मंत्रालय के अहम दस्तावेज, आर्म्स डीलर के खिलाफ FIR
आर्म्स डीलर व कंसलटेंट संजय भंडारी के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में शुक्रवार को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। दिल्ली पुलिस सूत्रों की मानें तो रक्षा मंत्रालय के अधिकारी की शिकायत पर भंडारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भंडारी के बेहद करीबी अशोक शंकर का भी इसमें नाम है।
अप्रैल में आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने भंडारी व अशोक के घर पर छापेमारी की थी। इस दौरान रक्षा मंत्रालय से जुड़े गोपनीय दस्तावेज दोनों के दक्षिणी दिल्ली स्थित घरों से बरामद हुए थे। माना जा रहा है कि जल्द ही दोनों से दिल्ली पुलिस पूछताछ कर सकती है। मामले पर दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कुछ भी बोलते से बच रहे हैं।
बता दें कि कांग्रेस के बड़े नेता के दामाद की लंदन में कथित तौर पर बेनामी संपत्ति खरीदने के बाद संजय भंडारी का नाम सामने आया था। इसके बाद डिफेंस कॉलोनी स्थित घर पर संजय व उनके करीबी अशोक के यहां ईडी व आईटी के अधिकारियों ने छापा मारा था। इसी दौरान अधिकारियों को अशोक व भंडारी के घर से रक्षा मंत्रालय के गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए थे।
दस्तावेज में हथियारों और लड़ाकू विमान के सौदे से जुड़े दस्तावेज शामिल
सूत्रों की मानें तो फोटोकॉपी के रूप में मिले दस्तावेज में रक्षा मंत्रालय की अहम बैठकों के मिनेट्स व हथियारों और लड़ाकू विमान के सौदे से जुड़े दस्तावेज शामिल थे। दस्तावेज मिलने के बाद ईडी व आयकर विभाग ने रक्षा मंत्रालय को इसकी सूचना दी थी। जिसके बाद यह मामला दर्ज हुआ है।
माना जा रहा है कि मामला दर्ज करने के बाद छानबीन के लिए अब दिल्ली पुलिस एसआईटी गठित कर सकती है। जल्द ही दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया भी जा सकता है। पता करने का प्रयास किया जाएगा कि आखिर दोनों के पास रक्षा मंत्रालय के इतने अहम दस्तावेज कैसे पहुंचे और दोनों ने इन गोपनीय दस्तावेजों का क्या किया।
सूत्रों का कहना है कि अपने अकाउंट में पैसा लाने के लिए भंडारी ने कई कंपनियां बनाई थीं। इन कंपनियों के डायरेक्टर भी उसने अपने करीबियों को बनाया था। एक कंपनी की डायरेक्टर खुद भंडारी की पत्नी सोनिया भंडारी थीं। ईडी, आयकर विभाग की जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने ओएसए का मामला दर्ज कर अलग जांच शुरू की है।