मां सीता की जन्म स्थली के विकास को लेकर भूख हड़ताल
नेपाल सीमा के पास बसे जनकपुर का भारत से बहुत गहरा संबंध है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक यहां मां सीता का जन्म हुआ था और भगवान श्री राम का यह ससुराल था। वर्तमान में यहां विकास रुकने तथा मंदिर व बस्तियां बेहाल होने के चलते पर्यटन उद्योग प्रभावित होने का विरोध शुरू हो गया है। इसे ‘आधुनिक जनकपुर’ बनाने की मांग पर कई संगठन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
नेपाल के प्रमुख अखबार ‘हिमालय टाइम्स’ के मुताबिक वृहत जनकपुर क्षेत्र विकास परिषद और नया शक्ति नेपाल पार्टी ने आधनिक जनकपुर को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। परिषद के चेयरमैन राम कुमार शर्मा और नया शक्ति नेपाल पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य कलामुद्दीन राईन आज तीसरे दिन भी भूख हड़ताल पर बैठे रहे।
यहां जनकपुरधाम के जनक चौक में भूख हड़ताल कर रहे संगठनों की मांग है कि शहर के मंदिरों और बस्तियों के विकास के लिए क्षेत्र में आधुनिक जनकपुर बसाने की योजना पर काम किया जाए। इससे पहले संगठनों ने ‘लेट अस यूनाइट एंड बिल्ड मॉडर्न जनकपुर’ नाम से एक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था जिस पर 1 लाख लोगों ने दस्तखत किए।
'वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल करें मां जानकी मंदिर'
पिछले कुछ वर्षों में कम्युनिस्टों का प्रभाव बढ़ने के कारण यहां के मंदिरों और शहर के ऐतिहासिक अस्तित्व पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। लोगों का कहना है कि किसी समय मिथिला की राजधानी रह चुका जनकपुर का विकास अब रुक गया है। सरकार द्वारा स्थानीय लोगों की मांगों पर ध्यान नहीं देने पर यहां सात सूत्रीय मांगों को लेकर सत्याग्रह शुरू किया गया है।
नेपाल में आधुनिक जनकपुर की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ने वाले लोगों ने माता सीता के जन्म स्थल पर बने जानकी मंदिर को वर्ल्ड हेरिटेज स्थल की सूची में शामिल कराने की मांग को सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाया है। इसके लिए 101 सदस्यों वाली मॉडर्न डेवलपमेंट कमेटी का गठन भी कर लिया गया है। कमेटी ने अपनी पूरी योजना से प्राधिकरण को अवगत करा दिया है और सरकार से मांग की है कि इस पर जल्द काम शुरू किया जाए।