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सोनिया-राहुल के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जमीन घोटाले पर CBI कर सकती है पूछताछ
amarujala.com- Written by: राघवेंद्र मिश्र
Updated Fri, 07 Apr 2017 10:41 AM IST
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सोनिया गांधी और राहुल गांधी
- फोटो : BBC
हरियाणा के पंचकूला में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजीएल) की जमीन आवंटन में कथित भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुद्दा के खिलाफ केस दर्ज किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई इस मामले में कंपनी के पदाधिकारियों कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित कई नेताओं से पूछताछ कर सकती है।
बताते चलें कि एजीएल कंपनी ही नेशनल हेराल्ड अखबार चलाती थी। नेशनल हेलार्ड मामले में ही सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया है। इसके बाद सोनिया और राहुल को कोर्ट में हाजिर होना पड़ा था। दोनों को इस मामले में जमानत मिली हुई है।
एफआईआर के मुताबिक, साल 1982 में जमीन आवंटित हुई और साल 1992 तक कोई निर्माण नहीं हुआ। इसके बाद प्राधिकरण ने इसे अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, साल 2005 में एजीएल को यह भूखंड फिर से आवंटित किया गया, जिसमें नियमों का उल्लंघन हुआ। साल 2005 में पाधिकरण के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा ही थी।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार की ही एफआईआर को दोबारा दर्ज किया गया है। इसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। आरोपपत्र में आरोपियों का नाम जोड़े या हटाए जा सकते हैं। हुड्डा सरकार द्वारा जमीन आवंटन के मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया यह तीसरा केस है।
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बताते चलें कि एजीएल कंपनी ही नेशनल हेराल्ड अखबार चलाती थी। नेशनल हेलार्ड मामले में ही सुब्रमण्यम स्वामी ने कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाया है। इसके बाद सोनिया और राहुल को कोर्ट में हाजिर होना पड़ा था। दोनों को इस मामले में जमानत मिली हुई है।
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एफआईआर के मुताबिक, साल 1982 में जमीन आवंटित हुई और साल 1992 तक कोई निर्माण नहीं हुआ। इसके बाद प्राधिकरण ने इसे अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, साल 2005 में एजीएल को यह भूखंड फिर से आवंटित किया गया, जिसमें नियमों का उल्लंघन हुआ। साल 2005 में पाधिकरण के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह हुड्डा ही थी।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार की ही एफआईआर को दोबारा दर्ज किया गया है। इसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। आरोपपत्र में आरोपियों का नाम जोड़े या हटाए जा सकते हैं। हुड्डा सरकार द्वारा जमीन आवंटन के मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया यह तीसरा केस है।