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गुजरात चुनाव: पानी का इंतजार कर रहे किसान, इस चुनाव में बदलाव के लिए करेंगे वोटिंग

Tue, 28 Nov 2017 10:28 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला
टीम डिजिटल, अमर उजाला Updated Tue, 28 Nov 2017 10:28 AM IST
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Gujarat elections Farmers in gujarat say they feel cheated BJP did not help them in irrigation
गुजरात के किसान नाराज हैं खासकर सौराष्ट्र, पाटना, भावनगर, बोटाड, सुरेंद्रनगर सहित राज्य  के कई गांवों के  किसानों को आज भी पानी का इंतजार है। किसान पिछले कई वर्षों से बीजेपी का समर्थन करते आए थे लेकिन अब वो इस बात से परेशान हैं कि मौजूदा रूलिंग पार्टी को समर्थन के बाद भी आज तक उनके खेतों में पानी नहीं पहुंचा है।
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और वो आज भी बदहाली में जीने को मजबूर हैं। क्योंकि खेती के लिए पानी उनकी सबसे बड़ी जरूरत है जो लंबे इंतजार के बाद पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में किसान विजय डाभी,  29 वर्षीय विजय या तो खेती किसानी के लिए पानी ले सकते हैं या फिर अपनी बेटी की पढ़ाई पर पैसे खर्चकर सकते हैं। विजय अकेले ऐसे किसान नहीं है जिन्हें अपने खेतों के लिए पानी का इंतजार है बल्कि हजारों किसान इस चुनाव में बदलाव के लिए वोट करेंगे। 
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गुजरात के भावनगर जिले के विजय परेशान होकर कहते हैं कि या तो मैं अपनी बेटी को पढ़ा सकता हूं या फिर खेती के लिए डीजल पंप वाले को पानी ले सकता हूं।  विजय का गांव पाटना में है। इस गांव में सरदार सरोवर डैम की तीन कैनालें हैं जिससे ये माना जाता है कि 3000 गांव के 18.45 मिलियन हेक्टेयर खेती वाली जमीन की सिंचाई की जा सकती है।

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डैम बनने के बाद भी पानी नहीं पहुंचने से गुजरात के गांवों के किसानों का सपना टूट गया है

Gujarat elections Farmers in gujarat say they feel cheated BJP did not help them in irrigation
पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने 67 वें जन्मदिन पर इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया था और इस डैम को इंजीनियरिंग का मिरैकल बताया था।  विजय कहते हैं कि डैम बनने के बाद भी किसानों को आज भी पानी का इंतजार है, और पिछले कई चुनावों से हम किसानों को नर्मदा का पानी दिए जाने का वादा किया जा रहा है जिसका हमें इंतजार है।  


ऐसा माना जा रहा था कि डैम बनने के बाद बी पानी न पहुंचने के कारण भावनगर, बोटाड और सुरेंद्रनगर के गांवों के किसानों का सपना टूट गया है। इस चुनाव में हमने सोच लिया है कि हम विरोध में नई सरकार के लिए वोट देंगे। बताया जा रहा है कि इस चुनाव में बीजेपी को कांग्रेस जबरदस्त टक्कर देने वाली है खासकर गुजरात के गांवों में। क्योंकि पिछले चुनावों में बीजेपी को 44 सीटें मिली थीं जबकि कांग्रेस ने 49सीटें हासिल की थी।


 दो साल पहले हुए निकाय चुनाव में भी बीजेपी को बड़ा नुकसान हुआ था, विशेषज्ञों की मानें तो पाटीदार अपनी पारंपरिक पार्टी से दूर भाग रहे हैं क्योंकि रूलिंग पार्टी ने पाटीदारों को नौकरी और शिक्षा दोनों में कोटा देने से मना कर दिया था। 
पार्टी के चीफ अमित शाह ग्राउंड लेवल पर ऑर्गेनाइजेशन को बूस्ट करने में लगे हैं, कई तरह की कमीटियां बनाई हैं जिससे गांवों में किसानों और बीजेपी की बढ़ती खाई को पाटा जा सके लेकिन सौराष्ट्र के किसानों ने इसबार मान लिया कि वो पिछले कई चुनावों से बीजेपी को इस आस में वोट दे रहे हैं कि उन्हें खेती किसानी के लिए पानी मिलेगा लेकिन वो इंतजार अभी तक बना हुआ है। 

गुजरात के खेदत समाज के  सागर राबरी अपने समाज और राज्य के सबसे पड़ा किसान हैं। वो कहते हैं कि नर्मदा नदी का पानी किसानों के लिए है सरकार कई वर्षों से किसानों से झूठ बोल रही है। कभी काम पूरा नहीं हुआ लेकिन अब जब काम पूरा हो गया है तब भी हम किसानों के लिए सरकार के पास कुछ भी नहीं है।

  गांव के दूसरे किसान कहते हैं कि हम अपने खेतों को गैर कानूनी तरीके से सिचांई कर रहे हैं। पुलिस और एसएसएनएनएल भी इस बात के लिए किसानों को परेशान करते रहते हैं। 20 किलोमीटर के इस केनाल स्ट्रेच में 300 से अधिक पंप स्ंटाल किए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बोटाड से लेकर गंडा गांव तक सभी गांव के किसान खेतों के लिए पानी नहीं मिलने से परेशान हैं। और प्रदेश में बदलाव चाहते हैं।  
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