कांग्रेस गुजरात में मोदी की आर्थिक मोर्चे पर घेराबंदी करेगी
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गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा आगे करके चल रही है। कांग्रेस ने उसकी काट के लिए मोदी सरकार के दो अहम फैसलों नोटबंदी और जीएसटी को हथियार बनाकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी नोटबंदी के एक साल पूरे होने पर आठ नवंबर को औद्योगिक नगरी सूरत में व्यापारियों के बीच काला दिवस मनाएंगे। जबकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मंगलवार को चुनाव प्रचार के लिए गुजरात जा रहे हैं। मनमोहन सिंह ने पहले ही नोटबंदी को देश का सबसे बड़ा डिजास्ट और जीडीपी को दो प्रतिशत गिराने वाला फैसला बता चुके हैं।
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कांग्रेस ने निचले स्तर तक नोटबंदी के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की तैयारी की
कांग्रेस मनमोहन सिंह को एक अर्थशास्त्री के तौर पर पेश कर मोदी सरकार के इन दोनों फैसलों को जनविरोधी ठहराने का प्रयास करेगी। कांग्रेस जीएसटी के अपने पुराने फैसले और लागू करने के तरीके पर भी व्यापारियों के साथ चर्चा करेगी।
कांग्रेस ने नोटबंदी को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन कर इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। चूंकि हिमाचल में नौ नवंबर को मतदान होने है लिहाजा वहां पार्टी खुलकर विरोध नहीं कर सकती है। जबकि गुजरात को लेकर कांग्रेस ने निचले स्तर तक नोटबंदी के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की तैयारी की है।
कांग्रेस का मानना है कि नोटबंदी के बाद जीएसटी लागू से होने से गुजरात में सबसे अधिक व्यापारी प्रभावित हुए हैं। गुजरात का कपड़ा उद्योग बुरी तरह से चौपट हुआ है। खासकर छोटे और मझोले व्यापारियों के साथ असंगठित कामगारों को अर्थिक चोट लगी है। कांग्रेस को जमीनी स्तर पर मोदी के खिलाफ नोटबंदी और जीएसटी ही कारगर मुद्दे दिख रहे हैं जिस पर घेराबंदी करना चाहती है।