फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Gujarat assembly polls: BJP believes on old relations with businessman

गुजरात चुनाव: व्यापारियों के नाराजगी की चर्चाओं के बीच भाजपा को पुराने रिश्ते पर भरोसा

Sun, 29 Oct 2017 07:36 AM IST
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 29 Oct 2017 07:36 AM IST
विज्ञापन
Gujarat assembly polls: BJP believes on old relations with businessman
- फोटो : FILE PHOTO

जीएसटी और नोटबंदी की मार से परेशान व्यापारियों के खिलाफ होने की चर्चाओं के बीच भाजपा को उनसे पुराने रिश्तों पर भरोसा है। पार्टी के चुनाव रणनीति की अगुवाई कर रहे पार्टी के शीर्ष नेता का कहना है कि गुजरात के व्यापारियों से हमारे पुराने रिश्ते हैं। भाजपा से उन्हें कोई अलग नहीं कर सकता है। हालांकि उक्त नेता ने स्वीकार किया कि जीएसटी के वजह से व्यापारियों वर्ग के बीच व्यवहारिकता को लेकर कुछ शिकायतें थीं। जिसे जीएसटी काउंसिल ने टैक्स दर और नियमों में बदलाव कर सुधार किया है। 

विज्ञापन


पार्टी के इस शीर्ष नेता ने दावा किया कि हाल ही में हुए जीएसटी नियमों के बदलाव में गुजरात के 84 प्रतिशत व्यापारियों की समस्या का समाधान हुआ है। शेष 16 प्रतिशत में वैसे व्यापारी हैं, जिनका बुनियादी ढांचा बहुत मजबूत है। उनपर जीएसटी का कुछ असर नहीं। पार्टी नेता ने कहा कि व्यापारियों से रिश्ते अटूट हैं, थोड़ी बहुत नाराजगी है लेकिन कोई अलग नहीं जाएगा। 
विज्ञापन


पढ़ें- हार्दिक का कांग्रेस को 3 नवंबर तक अल्टीमेटम, कहा- बताइए कैसे देंगे पाटीदारों को आरक्षण
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा का आंकलन अल्पेश, हार्दिक और जिग्रेश की चाल में 
विभिन्न जातिगत आंदोलन के जरिए गुजरात की त्रिमूर्ति के रूप में चेहरा बनकर उभरे अल्पेश ठाकोर, हार्दिक पटेल और जिग्रेश मवानी को लेकर भाजपा का आंकलन है कि कांग्रेस पार्टी इस चाल में खुद बुरी फंसेगी। शीर्ष भाजपा नेता ने गुजरात का गणित बताते हुए कहा कि हार्दिक, अल्पेश और जिग्रेश जिसे त्रिमूर्ति कहा जा रहा है। इन तीनों में आपसी एका नहीं है। तीनों के समर्थक और मांगों में जबरदस्त द्वंद है। 

हार्दिक जहां पटेलों के लिए पिछड़ा वर्ग में आरक्षण मांग रहे हैं। तो अल्पेश की राजनीति पिछड़ों को मिले आरक्षण का बचाव और पटेलों के विरोध पर उभरी है। यदि कांग्रेस पार्टी हार्दिक को साधने के लिए पटेलों को आरक्षण का वायदा करती है तो न सिर्फ अल्पेश समर्थक नाराज होंगे। बल्कि पिछड़े वर्ग में कांग्रेस पार्टी का विरोध बढ़ेगा। और यदि कांग्रेस पार्टी हार्दिक को पटेल आरक्षण पर ठोस आश्वासन नहीं देगी तो पटेलों को उसे साथ नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति कमोबेश जिग्रेश को भी लेकर है। वे कांग्रेस से कठोर मोलभाव करेंगे। जिसका खामियाजा भी कांग्रेस को उठाना पड़ेगा। भाजपा का मानना है कि त्रिमूर्ति का दांव कांग्रेस को उल्टा पड़ेगा। 

गुजरात में कांग्रेस की मजबूती को किया खारिज 

गुजरात में कांग्रेस पार्टी की मजबूती को खारिज करते हुए शीर्ष भाजपा नेता ने बताया कि हर दफे विधानसभा चुनाव से दो माह पहले दिल्ली में भाजपा के हार और कांग्रेस के जीत की चर्चायें रहती हैं। मगर चुनाव के दिन बूथ पर भाजपा को जीत मिलती है। कांग्रेस के जीत की चर्चा दिल्ली तक ही सीमित रहती है। इस दफे भी यही होगा। भाजपा पहले से भी ज्यादा मजबूत बनकर उभरेगी। 

विधायकों के टिकट काटने का अभी तय नहीं
गुजरात में जीत के लिए मोदी ने सिटिंग विधायकों के टिकट काटने का फार्मूला चालू किया था। चुनाव में एंटी इनकंबेंसी रोकने के लिए तब करीब 35 से 40 प्रतिशत वर्तमान विधायकों के टिकट काटकर नए लोगों को उम्मीदवार बनाया जाता था। इस दफे भी करीब 50 प्रतिशत वर्तमान विधायकों के टिकट काटने की चर्चाएं हैं। हालांकि गुजरात चुनाव के मुख्य रणनीतिकार नेता का कहना है कि पार्टी ने अभी यह तय नहीं किया है। केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इस पर निर्णय होगा। वैसे संभावित उम्मीदवारों के नाम की कवायद तय कर ली गई है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed