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घ्ार के लिए निकाल सकेंगे पीएफ की 90 फीसदी रकम
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Thu, 16 Mar 2017 06:29 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : twitter
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ईपीएफओ घर खरीदने में डाउनपेमेंट के लिए प्रॉविडेंट फंड से 90 फीसदी रकम निकालने की अनुमति दे सकता है। सरकार इसके लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) स्कीम में संशोधन करेगी। इससे ईपीएफओ के लगभग 4 करोड़ सदस्यों को फायदा होगा।
इस संशोधन से ईपीएफओ के सब्सक्राइवर अपने ईपीएफ अकाउंट का इस्तेमाल मकान के लिए गए लोन की ईएमआई देने में कर सकेंगे। ईपीएफ के प्रस्तावित प्रावधानों के मुताबिक इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सब्सक्राइवरों को एक को-ऑपरेटिव सोसाइटी बनानी होगी, जिसमें कम से दस सदस्य होने चाहिए। श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने ईपीएफ स्कीम, 1952 में संशोधन का फैसला किया है।
दत्तात्रेय ने बताया कि दस सदस्यों वाली को-ऑपरेटिव या हाउसिंग सोसाइटी के ईपीएफ सदस्य मकान या फ्लैट खरीदने के समय या रहने वाले मकान की मरम्मत या साइट अधिग्रहण के समय डाउनपेमेंट के लिए पीएफ की 90 फीसदी रकम निकाल सकते हैं।
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इस संशोधन से ईपीएफओ के सब्सक्राइवर अपने ईपीएफ अकाउंट का इस्तेमाल मकान के लिए गए लोन की ईएमआई देने में कर सकेंगे। ईपीएफ के प्रस्तावित प्रावधानों के मुताबिक इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सब्सक्राइवरों को एक को-ऑपरेटिव सोसाइटी बनानी होगी, जिसमें कम से दस सदस्य होने चाहिए। श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि सरकार ने ईपीएफ स्कीम, 1952 में संशोधन का फैसला किया है।
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दत्तात्रेय ने बताया कि दस सदस्यों वाली को-ऑपरेटिव या हाउसिंग सोसाइटी के ईपीएफ सदस्य मकान या फ्लैट खरीदने के समय या रहने वाले मकान की मरम्मत या साइट अधिग्रहण के समय डाउनपेमेंट के लिए पीएफ की 90 फीसदी रकम निकाल सकते हैं।
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केंद्रीय कर्मियों को मकान के लिए नहीं होगी धन की कमी
अमित सरन, इलाहाबाद। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत वाली खबर है। अब मकान बनवाने या खरीदने के लिए उन्हें धन की कमी नहीं पड़ेगी। हाउस बिल्डिंग एडवांस (गृह निर्माण अग्रिम) और सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) से उन्हें पूरी रकम मिलेगी। भविष्य में कर्मचारी यदि मकान बेचता है तो उसे जीपीएफ से लिया गया एडवांस वापस नहीं करना होगा।
पहले लागू व्यवस्था के तहत किसी कर्मचारी को गृह निर्माण अग्रिम के तहत मकान बनवाने या खरीदने के लिए जो निर्धारित रकम मिलती थी, अगर कर्मचारी इसी काम के लिए उससे अतिरिक्त धनराशि जीपीएफ से निकालता था तो वह रकम गृह निर्माण अग्रिम से काट ली जाती थी। उसके बाद बाकी रकम का भुगतान किया जाता था।
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। केंद्रीय पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत कर्मचारी जीपीएफ से तो एडवांस ले ही सकेंगे, उन्हें गृह निर्माण अग्रिम के तहत निर्धारित पूरी धनराशि भी मिलेगी।
पहले लागू व्यवस्था के तहत किसी कर्मचारी को गृह निर्माण अग्रिम के तहत मकान बनवाने या खरीदने के लिए जो निर्धारित रकम मिलती थी, अगर कर्मचारी इसी काम के लिए उससे अतिरिक्त धनराशि जीपीएफ से निकालता था तो वह रकम गृह निर्माण अग्रिम से काट ली जाती थी। उसके बाद बाकी रकम का भुगतान किया जाता था।
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। केंद्रीय पेंशन एवं पेंशनर्स कल्याण विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत कर्मचारी जीपीएफ से तो एडवांस ले ही सकेंगे, उन्हें गृह निर्माण अग्रिम के तहत निर्धारित पूरी धनराशि भी मिलेगी।