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सरकारी चैनलों का जल्द होगा कायाकल्प, निजी चैनलों को टक्कर देने के लिए चार नए चैनल ला रही है सरकार
संजय मिश्र, नई दिल्ली
Updated Fri, 06 Oct 2017 11:31 PM IST
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doordashan
- फोटो : FILE PHOTO
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का जिम्मा संभालने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इन दिनों सरकारी चैनलों के कायाकल्प करने की कवायद में जुटी हैं। सरकार के जरिए चलने वाले दूरदर्शन के चैनलों का कायाकल्प करने के लिए मंत्रालय ने पूरा खाका खिंच लिया है। जल्द ही रणनीति जमीन पर अमल होती नजर आएगी।
बताया जा रहा है कि ईरानी के पास चार नए चैनलों का भी प्रस्ताव पहुंचा है। सरकार जल्द ही इस पर निर्णय लेकर अपने कदम आगे बढाएगी। सूचना प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों ने जिन चार चैनलों का प्रस्ताव ईरानी के समक्ष प्रस्तुत किया है।
उसमें बच्चों के लिए विशेष किडस चैनल, 24 घण्टे के लिए सिनेमा चैनल और युवाओं के लिए विशेष चैनल का प्रस्ताव है। युवाओं के चैनल पर म्यूजिक के अलावा परिचर्चा के तमाम विषय प्रमुखता से रहेंगे।
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कुछ यूं बदला नजर आएगा सरकारी चैनलों का नजारा
सूत्र बताते हैं कि सरकारी चैनलों की कायाकल्प करते हुए ईरानी न सिर्फ दूरदर्शन के तमाम चैनलों की प्रस्तुति के रंग-ढंग को बदलेंगी। बल्कि खबर पढ़ने वाले एंकरों के परिधान भी बदले नजर आएंगे।
दूरदर्शन चैनलों का कलेवर इस कदर बदला जा रहा है कि वे निजी चैनलों को टक्कर दे सकें। इसके अलावा मोबाईल एप पर दूरदर्शन के चैनलों को पहुंचाने के लिए शुरू की गई डीटीटी की असफल व्यवस्था को भी ईरानी तकनीक बदलाव के साथ नए रूप में लाने की तैयारी कर रही हैं।
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बताया जा रहा है कि ईरानी के पास चार नए चैनलों का भी प्रस्ताव पहुंचा है। सरकार जल्द ही इस पर निर्णय लेकर अपने कदम आगे बढाएगी। सूचना प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों ने जिन चार चैनलों का प्रस्ताव ईरानी के समक्ष प्रस्तुत किया है।
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उसमें बच्चों के लिए विशेष किडस चैनल, 24 घण्टे के लिए सिनेमा चैनल और युवाओं के लिए विशेष चैनल का प्रस्ताव है। युवाओं के चैनल पर म्यूजिक के अलावा परिचर्चा के तमाम विषय प्रमुखता से रहेंगे।
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कुछ यूं बदला नजर आएगा सरकारी चैनलों का नजारा
सूत्र बताते हैं कि सरकारी चैनलों की कायाकल्प करते हुए ईरानी न सिर्फ दूरदर्शन के तमाम चैनलों की प्रस्तुति के रंग-ढंग को बदलेंगी। बल्कि खबर पढ़ने वाले एंकरों के परिधान भी बदले नजर आएंगे।
दूरदर्शन चैनलों का कलेवर इस कदर बदला जा रहा है कि वे निजी चैनलों को टक्कर दे सकें। इसके अलावा मोबाईल एप पर दूरदर्शन के चैनलों को पहुंचाने के लिए शुरू की गई डीटीटी की असफल व्यवस्था को भी ईरानी तकनीक बदलाव के साथ नए रूप में लाने की तैयारी कर रही हैं।
कलेवर बदलने में अपनों की भी फंसी गर्दन
स्मृति ईरानी
- फोटो : amar ujala
सूचना प्रसारण मंत्री ईरानी के जरिए दूरदर्शन चैनलों के कलेवर की बदलाव के क्रम में कई अपनों की भी गर्दन फंसी नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि सूचना प्रसारण मंत्रालय में अपनी ही सरकार के पूर्व मंत्रियों के जरिए रखे गए कंसलटेंटों पर संकट आन पडा है।
मंत्रालय के तहत रखे गए 8 कंसलटेंटों का पिछले माह सेवा विस्तार होना था। मगर सितंबर माह में संपन्न हुई प्रसार भारती की बैठक में ऐन मौके पर इन कंसलटेंटों का मामला कार्यसूची से बाहर कर दिया गया।
हालांकि अब भी कई लोग अपनी नौकरी बचा रहे हैं। लेकिन दूरदर्शन के कायाकल्प के लिए प्रतिबद्ध दिख रहीं ईरानी ने अभी नियुकित्यों पर ध्यान के बजाय विभाग की कार्यक्षमता सुधारने में अपना ध्यान केंद्रीत किया हुआ है।
इस कड़ी में वे न सिर्फ मंत्रालय के तमाम विभागों में औचक निरिक्षण कर रही हैं। बल्कि मंत्रालय के अधिकारियों से लेकर मध्यम श्रेणी तक के बाबूओं की भी कार्यक्षमता की फाईल खंगाल रही हैं।
उनकी नजर श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों की पहचान कर उन्हें उचित काम थमाना है। हालांकि ईरानी की आक्रामक कार्यशैली को देखकर मंत्रालय के निखट्टू अधिकारियों में दहशत का माहौल है।
मंत्रालय के तहत रखे गए 8 कंसलटेंटों का पिछले माह सेवा विस्तार होना था। मगर सितंबर माह में संपन्न हुई प्रसार भारती की बैठक में ऐन मौके पर इन कंसलटेंटों का मामला कार्यसूची से बाहर कर दिया गया।
हालांकि अब भी कई लोग अपनी नौकरी बचा रहे हैं। लेकिन दूरदर्शन के कायाकल्प के लिए प्रतिबद्ध दिख रहीं ईरानी ने अभी नियुकित्यों पर ध्यान के बजाय विभाग की कार्यक्षमता सुधारने में अपना ध्यान केंद्रीत किया हुआ है।
इस कड़ी में वे न सिर्फ मंत्रालय के तमाम विभागों में औचक निरिक्षण कर रही हैं। बल्कि मंत्रालय के अधिकारियों से लेकर मध्यम श्रेणी तक के बाबूओं की भी कार्यक्षमता की फाईल खंगाल रही हैं।
उनकी नजर श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों की पहचान कर उन्हें उचित काम थमाना है। हालांकि ईरानी की आक्रामक कार्यशैली को देखकर मंत्रालय के निखट्टू अधिकारियों में दहशत का माहौल है।