गोरखालैंड की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल में अवॉर्ड वापसी का दौर शुरू
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गोरखालैंड की मांग को लेकर दार्जिलिंग में चल रहा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा का आंदोलन तेज हो गया है। अब इस आंदोलन में भी अवॉर्ड वापसी शुरू हो चुकी है। कर्मा योंजान ने 2016 में सरकार द्वारा दिया गया अवॉर्ड वापस करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2016 में सरकार ने मुझे अवॉर्ड दिया था, जो मैं अब वापस कर रह हूं। मुझे अवॉर्ड नहीं चाहिए बल्कि गोरखालैंड चाहिए।
इसके साथ ही साहित्यकार केएस मुखतन ने भी अवॉर्ड वापस करने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग के लोग गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं, जो उनका अधिकार है। मैं अपना अवॉर्ड वापस कर रहा हूं और इस आंदोलन में भाग ले रहा हूं।Got an award in December 2016, returning it to Govt now in protest. I don't want this award, but Gorkhaland: Karma Yonjan,Singer pic.twitter.com/fnErgJeIpy
— ANI (@ANI_news) 13 July 2017विज्ञापन
गौरतलब है कि बुधवार देर रात गुस्साई भीड़ ने दार्जिलिंग के चौरस्ता में गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन टूरिस्ट इंफॉर्मेशन के दफ्तर में आग लगा दी। इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। रात होने के कारण ऑफिस में कोई मौजूद नहीं था।People of Darjeeling are carrying this movement to achieve #Gorkhaland which is their right of self determination: KS Mukhtan,Novelist pic.twitter.com/UsoUPJJ8qZ
— ANI (@ANI_news) 13 July 2017
उल्लेंखनीय है कि दार्जिलिंग में बीते एक महीने से गोरखालैंड जनमुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता आंदोलन कर रहे हैं। वे अलग गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं। वहीं ममता बनर्जी ने किसी भी हालत में पश्चिम बंगाल को न बटने देने की बात कही है। गोरखालैंड की मांग कोई नई नहीं है। लंबे समय से लोग अलग गोरखालैंड की मांग कर रहे हैं।West Bengal: Gorkhaland Territorial Administration Tourist Information office at Chowrasta, #Darjeeling set on fire by a mob late last night pic.twitter.com/a23WggNLLH
— ANI (@ANI_news) 13 July 2017